हापुड़। जिले में विभिन्न अपराधों में शामिल रहे 30 शातिर अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एएसपी डॉ. विनीत भटनागर ने बताया कि नगर कोतवाली पुलिस ने मोहल्ला चमरी निवासी देवेंद्र कुमार उर्फ देवेंद्र त्यागी उर्फ गुल्लू, नवीन मंडी निवासी रीनू उर्फ रेनू, हरियाणा के कैथल के बलराजनगर और हाल निवासी गांव भडंगपुर निवासी लक्ष्मी देवी, जगरोशनी, दरोगा वाली गली निवासी रजनी, संजीत कुमार, गांव भडंगपुर निवासी निशांत कुमार उर्फ डोम और ऋषभ कुमार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की है।
बाबूगढ़ पुलिस ने बाइक चोरी करने वाले शातिर अपराधी वाहिद निवासी पटना मुरादपुर और गोहरा आलमगीरपुर निवासी हर्षित के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। देहात थाना पुलिस ने पशु चोरी करने वाले शातिर अपराधी गांव रतूपुरा निवासी मोहसिन, पुरानी चुंगी निवासी अमन, जुबैर, आवास विकास कालोनी निवासी नईम के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
धौलाना थाना पुलिस ने मकानों में चोरी करने वाले और वाहन चोरी करने वाले गांव पिपलैड़ा निवासी शावेज, गांव शेखपुर खिचरा निवासी शहजाद उर्फ मंडी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है। हाफिजपुर थाना पुलिस ने बताया कि नकबजनी और मंदिरों में चोरी करने वाले जिला बुलंदशहर के कोतवाली देहात के गांव गनौरा शेख निवासी योगेश, सद्दाम खान और आस मोहम्मद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है।
पिलखुवा कोतवाली पुलिस ने बंद दुकानों और मकानों में चोरी करने वाले मोदीनगर निवासी अमर, गांव सिखैड़ा निवासी विकास और हापुड़ नगर के केशवनगर निवासी रविंद्र के खिलाफ कार्रवाई की है।
बहादुरगढ़ थाना पुलिस ने गांव वैट निवासी नौशाद और सलमान के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है जबकि गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली पुलिस ने जिला मेरठ के भावनपुर निवासी कुलदीप और लिसाड़ी गेट निवासी जैद के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई है।
12 खोए मोबाइल फोन बरामद कर सौंपे
हापुड़। थाना देहात पुलिस ने नए साल के पहले दिन गुमशुदा और खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को सौंपे।
थाना हापुड़ देहात प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से मिली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए 2.25 लाख रुपये के 12 गुमशुदा और खोए हुए फोनों को बरामद किया। पुलिस ने तकनीकी सहायता और सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज आईएमईआई नंबरों के आधार पर मोबाइल फोन की ट्रैकिंग की। निरंतर निगरानी और टीमवर्क के कारण पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों की पहचान और सत्यापन कराकर उन्हें सौंपा है।