ब्रजघाट। पहाड़ों पर हो रही बारिश ने एक बार फिर से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। सोमवार को जलस्तर 13 सेंटीमीटर बढ़ गया। इससे गंगा अब खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है। वहीं, खादर के लोग गंगा का जलस्तर कम होने की आस लगाए बैठे हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। उन्हें पशुओं का चारा लाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खादर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों की परेशानी पिछले एक माह से कम होने का नाम नहीं ले रही है। जलस्तर में पिछले तीन दिनों से गिरावट दर्ज होने से ग्रामीणों के चेहरे पर राहत नजर आने लगी थी, लेकिन, गंगा का पानी फिर से बढ़ने लगा है। एक तरफ किसान फसलों के नष्ट होने से परेशान हैं। वहीं, नींव में पानी भरने से घरों के गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम ने बताया कि सोमवार को भी गंगा के जलस्तर में करीब 13 सेंटी मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार की शाम ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर 199.13 मीटर (समुद्र तल से ) दर्ज किया गया है। जो खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर अधिक है। लठीरा निवासी अजय कुमार, नया बांस निवासी सुमित का कहना है कि गंगा का जलस्तर कम हो जाए, इसके लिए दिन रात प्रार्थना करते हैं। दूर-दराज से पशुओं का चारा लाना पड़ रहा है।
एसडीएम श्रीराम सिंह का कहना है कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार व राजस्व टीमें के साथ गांवों में जाकर जायजा ले रहे हैं। बारिश थमने से जलस्तर में भी गिरावट होनी शुरू हो जाएगी। ग्रामीणों की हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, जलस्तर कम होने के बाद फसलों में हुए नुकसान का सर्वे भी कराया जाएगा।