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Hapur News: गंगा का जलस्तर बढ़ा, गांवों और रास्ते पानी में डूबे

Tue, 26 Aug 2025 10:28 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से छोड़े गए पानी के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार रात से जलस्तर खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा है। गंगा का उफान अब खादर के गांवों तक पहुंच गया है। रास्तों पर कई फीट तक पानी भर गया है। ग्रामीणों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। रोजमर्रा के सामान को खरीदने के लिए ग्रामीण परेशानी से जूझ रहे हैं।
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खादर क्षेत्र में हर साल बाढ़ से किसानों की फसलें तबाह हो जाती हैं। जैसे ही बरसात का मौसम आता है, किसानों के लिए मुसीबत पैदा हो जाती है। बीते साल की तरह इस साल भी क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ से तबाही मची हुई है। लठीरा गांव को जाने के लिए तो नाव और ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ रहा है। चक लठीरा के ग्राम प्रधान निरंजन सिंह ने बताया कि गांव में घरों के आसपास पानी बह रहा है। जहां-जहां पशुओं को बांधने की व्यवस्था है वह भी जलभराव हो रहा है। ऐसे में पशुओं का चारा लाने के लिए जान जोखिम में डालना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा दिया गया भूसा भी खत्म हो गया है। ग्रामीण काबल सिंह ने बताया कि बाढ़ के कारण हर साल किसानों की फसलों को नुकसान होता है। इस साल अधिक नुकसान हो रहा है। किसानों की फसलों के नुकसान का मुआवजा भी नहीं दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम ने बताया कि मंगलवार को गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। हालांकि जलस्तर बढ़ने की आशंका है।

जनजीवन हुआ अस्त व्यस्त

गांवों में बाढ़ का पानी आने से ग्रामीणों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ग्रामीण महेंद्र सिंह ने बताया कि गांवों में जलभराव होने से रिश्तेदारों को आने से मना कर दिया है। रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को नाव के माध्यम से स्कूल भेजना पड़ रहा है। एक छोर से दूसरे छोर पर बाइकों को खड़ा करना पड़ रहा है।
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अपनी बारी के लिए करना पड़ता है इंतजार

गांव चक लठीरा आने-जाने के लिए ग्रामीणों को नाव में सवार होने के लिए करीब 30 मिनट का इंतजार करना पड़ता है। यहां पर प्रशासन ने दो नावों को लगाया है। सुबह से शाम तक नाव चालकों को करीब 100 से 150 चक्कर लगाने पड़ते हैं।


कोट -

गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। गांवों में निरीक्षण किया जा रहा है। ग्रामीणों को निरंतर जागरूक होने के लिए अपील की गई है। प्रशासन की ओर से पूरी मदद की जा रही है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। - श्रीराम सिंह एसडीएम
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