भक्ति और मस्ती का अनूठा संगम ब्रजघाट गंगानगरी में पर्यटन की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। चिलचिलाती धूप और तापमान में बढ़ोतरी के बीच तपिश की मार झेलने वाले यहां आकर भक्ति के साथ ही मौज मस्ती का लुत्फ भी उठा रहे हैं।
लोगों की भीड़ साल दर साल बढ़ती जा रही है, इसके बावजूद सरकार यहां की समस्याओं को दूर करा पाने को गंभीर नहीं है। गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी को पर्यटक स्थल के साथ ही तीर्थनगरी के रूप में भी विकसित कराने की घोषणा की जा चुकी है।
अब सूबे की सत्ता बदल चुकी है, लेकिन शासन स्तर से इन घोषणाओं को अमली जामा पहनानहीं पहनाया जा सका। अगर सरकार थोड़ी गंभीर हो जाए तो फिर भक्ति और मस्ती के अनूठे संगम के कायापलट में देर नहीं लगेगी। इन दिनों स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी चल रही हैं।
जिसके चलते दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत विभिन्न महानगरों के लोग अपने परिवारों के साथ यहां आकर गंगा स्नान करने के साथ ही मंदिरों में ईष्ट देवों के दर्शन कर रहे हैं। गर्मी से बचाव के लिए नौकायन व गंगा किनारे पानी से लबालब बालू रेत में मनचाहे ढंग से मौज मस्ती करते हैं।
साप्ताहिक अवकाश वाले दिन तो गंगानगरी में भरी भीड़ उमड़ती है। जिससे हर तरफ चहल पहल और बाजारों में रौनक छा जाती है। चेयर पर्सन संगीता पुरुषोत्तम का कहना है कि ब्रजघाट को पर्यटक और तीर्थस्थली के रूप में विकसित कराने के लिए पालिका बोर्ड ने डिमांड भेजी हुई है।
क्षेत्रीय भाजपा विधायक कमल मलिक का कहना है कि गंगा से जुड़े सभी तीर्थस्थलों का चहुमुखी विकास कराना योगी सरकार ने अपनी पहली प्राथमिकता में शामिल किया हुआ है, जिससे ब्रजघाट की तस्वीर बहुत जल्द बदल जाएगी।