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गंगा आरती पर कब्जे की कोशिश विफल

Sat, 08 Apr 2017 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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गंगा आरती - फोटो : demo pic
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 ब्रजघाट में गंगा आरती के प्रबंधन को लेकर कब्जे की कोशिश एक बार फिर विफल हो गई। एक गुट गंगा सभा से गंगा आरती का प्रबंध अपने हाथ में लेना चाहता है, लेकिन रात में साधू-संतों के विरोध के चलते वह ऐसा नहीं कर सके। उधर, पुलिस-प्रशासन ने सभी को चेतावनी दी है।

30 अप्रैल 2001 को कमिश्नर दीपक सिंघल और डीएम इंद्रजीत वर्मा की पहल पर ब्रजघाट में हरिद्वार की तर्ज पर गंगा आरती शुरू हुई थी। जिसका शुभारंभ तत्कालीन मंत्री कलराज मिश्रा और भानपुरा पीठ के शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ ने किया था।
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 करीब सात साल तक आरती का प्रबंधन करने वाली समिति ने आय-व्यय का ब्यौरा पेश नहीं किया था, जिस पर तत्कालीन डीएम के निर्देशन में पालिका बोर्ड ने आरती का जिम्मा अपने हाथों में लेकर कमेटी बनाई थी।

नगर पालिका बोर्ड भंग होने के बाद आरती का जिम्मा व्यापार मंडल ने संभाल लिया था, लेकिन 17 अप्रैल 2015 को रजिस्टर्ड संस्था गंगा सभा ने आरती का जिम्मा ले लिया था। जिन लोगों ने प्रारंभिक दौर में आरती का जिम्मा संभाला था, वे अंदर ही अंदर फिर से आरती प्रबंधन को हथियाने की कवायद में जुटे हैं।

उन्होंने बृहस्पतिवार रात जबरदस्ती आरती का प्रबंधन हथियाने की कोशिश की, लेकिन इसकी खबर फैलते ही सैकड़ों लोगों समेत साधू-संत भी मौके पर पहुंच गए थे। उनके कड़े विरोध के चलते आरती प्रबंधन हथियाने की कोशिश करने वालों को अपने मंसूबे में विफल होकर लौटना पड़ा।

उपजिलाधिकारी आरएन पांडेय का कहना है कि गंगा आरती पर किसी भी रूप में कब्जा नहीं होने दिया जाएगा, इसलिए अगर किसी को वर्तमान में काम कर रही संस्था से कोई आपत्ति है तो नियम पूर्वक ढंग में इसकी शिकायत करे।
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इंस्पेक्टर समरजीत सिंह का कहना है कि गंगा आरती सभा के प्रबंधन पर कब्जा करने का प्रयास बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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