हापुड़। ग्राम पंचायत सरावा-मिर्जापुर के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप की सही प्रकार से जांच न होने और शिकायतकर्ता को धमकाने के मामले में सोमवार को ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की।
शिकायतकर्ता बालकिशोर त्यागी ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत को जो विकास कार्य की धनराशि सरकार द्वारा दी गई थी। ग्राम प्रधान व सचिव ने उच्च अधिकारियों की साठगांठ से इसे हजम कर लिया। शिकायत के बाद जांच हुई तो वह भी सचिव स्तर से कराई गई। जांचकर्ता भी जांच के लिए सक्षम है या नहीं, इसकी प्रति शिकायतकर्ता को आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि 29 जुलाई को एडीओ पंचायत द्वारा फोन करके पंचायत घर पर बुलाया गया, इस पर भाकियू के कुछ सदस्य और वह स्वयं मौके पर पहुंचे। मौके पर एडीओ ने शिकायतकर्ताओं को धमकाया भी है। उन्होंने सोलर प्लेट व बैटरी की नीलामी में 34 बैटरी गायब होने, स्क्रैप भाव से भी कम पर नीलामी दिखाने, वाटर कूलर की कीमत के बारे में बाजार से रेट भी नहीं लेने, तालाब का सुंदरीकरण व सफाई, पंचायत घर में टाइल्स लगाने आदि की जांच कराने की मांग की है।