बुखार से ग्राम प्रधान एकता समिति के प्रदेशाध्यक्ष के बड़े भाई सहित चार लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही क्षेत्र में बुखार से मरने वालों की संख्या 118 हो गई है। बता दें कि तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
बावजूद इसके वायरल फीवर, मलेरिया, टायफाइड, चिकन गुनिया और डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिंभावली क्षेत्र के वैट गांव में ग्राम प्रधान एकता समिति के प्रदेशाध्यक्ष छोटे खां के बड़े भाई तुफैल अहमद (65) की मंगलवार तड़के मौत हो गई।
वह पिछले कई दिनों से नोएडा के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती थे। सपा अल्पसंख्यक सभा जिलाध्यक्ष शब्बू चौधरी ने बताया कि तेज बुखार में ब्लड प्रेशर लो होने से उनके मामा के गुर्दे और लीवर भी फेल हो गए थे।
कई दिनों तक इलाज चलने के बाद भी उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ। वहीं सिंभावली के गांव बक्सर में अख्तर खां के 19 वर्षीय बेटे रिजवान कस्सार की इलाज के दौरान मेरठ के अस्पताल में मौत हो गई।
रिजवान को भी पिछले कई दिनों से बुखार था। बहादुरगढ़ के गांव मुहम्मदपुर रुस्तमपुर में किसान दीवान सिंह की पत्नी मूर्ति देवी (60) को एक सप्ताह पहले बुखार हुआ था। उनका स्थानीय चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था।
मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। गांव के ही किसान सुभाष (50) की भी मंगलवार तड़के मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि दो सप्ताह पहले बुखार होने पर डेहरा कुटी के चिकित्सक से दवा दिलाई जा रही थी,
लेकिन उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। गढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ.एसपी सिंह और सिंभावली पीएचसी इंचार्ज डॉ. दिनेश भारती ने कहा कि बुखार से अब तक क्षेत्र में एक भी मौत की पुष्टि नहीं हुई है।