तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस महज औपचारिकता बन कर रह गया है। प्रत्येक तहसील दिवस की तरह इस बार भी फरियादियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। नौ शिकायतों में से एक शिकायत का भी मौके पर समाधान नहीं हो सका।
माह के प्रथम व तृतीय मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन किया जाता है। इसमें नगर व देहात क्षेत्र से फरियादी अपनी समस्या का समाधान होने की आस लगाकर अफसरों से शिकायत करते हैं, लेकिन अब तहसील दिवस महज औपचारिकता बनकर रह गया है।
वजह, कुर्सी पर बैठे अधिकारी फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते। इसके कारण प्रत्येक तहसील दिवस में मात्र एक-दो शिकायत का ही मौके पर समाधान हो पाता है। मंगलवार को तहसील सभागार में एसडीएम मीनू राणा की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया।
इसमें नगर के सर्वोदय कॉलोनी निवासी निरंजन सिंह ने कॉलोनी की स्ट्रीट लाइट ठीक कराने, गांव सिकंदरपुर काकोड़ी निवासी सोहनवीर सिंह ने जिले में शिक्षा की व्यवस्था को सही कराने, गांव सावी निवासी भूपेंद्र सिंह गौतम ने गांव में स्ट्रीट लाइट व नाली पर चैनल लगवाने,
शिक्षा मित्रों ने चार माह से मानदेय नहीं मिलने सहित कुल नौ शिकायतें आईं। शिकायतों का समाधान नहीं होने पर फरियादी मायूस लौट गए। वहीं गढ़मुक्तेश्वर में कुल 20 शिकायतों में महज चार का मौके पर निपटारा हो पाया।
शेष शिकायतों को अतिशीघ्र निस्तारित करने की कड़ी हिदायत के साथ संबंधित विभागों के सुपुर्द कर दिया गया।
एसडीएम शमशाद हुसैन की तहसील दिवस की अध्यक्षता की। डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय, बिजली बिजली महेश चंद्र शर्मा, सीएचसी अधीक्षक डॉ.रविंद्र कुमार, पालिका लिपिक रविशंकर, अब्दुल वाहिद समेत कई महकमों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।