कोहरे के कारण शुक्रवार सुबह हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूर्ण रुप से प्रभावित रही। दृश्यता कम होने के कारण वाहन रेंगते रहे। सुबह भी वाहन चालकों को गाड़ियों की लाइटें जलानी पड़ीं।
सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं और स्कूली वाहन चालकों को हुई। शुक्रवार सुबह भी घना कोहरा छाया रहा। इसके चलते वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई। क्षेत्र में रात में ही कोहरा पड़ना शुरू हो गया था।
आलम यह रहा कि चालकों को ठीक सामने की गाड़ियां भी नहीं दिख रही थीं। कोहरे के कारण भारी वाहन चालक होटलों और ढाबों के आगे अपने वाहन रोककर खड़े रहे। जबकि हल्के वाहन चालक हेडलाइट जलाकर किसी तरह अपने गंतव्य की ओर बढ़ते नजर आए।
सबसे ज्यादा दिक्कत नौकरी पेशा लोगों और छात्रों को हुई। दिन में सूरज निकलने के बाद लोगों को राहत मिली।
कोहरे के चलते शुक्रवार को भी ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। नौचंदी एक्सप्रेस और संगम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें घंटों लेट पहुंचीं। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ीं।
शुक्रवार को इलाहाबाद से चलकर सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से लगभग चार घंटे की देरी से हापुड़ पहुंची। इसके अलावा कानपुर से चलकर मेरठ की ओर जाने वाली संगम एक्सप्रेस साढ़े पंद्रह घंटे की देरी से हापुड़ पहुंची।
जबकि रक्सौल से दिल्ली जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस लगभग छह घंटे लेट हुई। इसके अलावा पद्मावत एक्सप्रेस तीन घंटे, आलाहजरत भुज एक्सप्रेस दो घंटे, अवध आसाम एक्सप्रेस सवा पांच घंटे देर से आई।
ट्रेनों के लेट होने से दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कोहरे के चलते ट्रेनें देर से आ रही हैं।