घने कोहरे के कारण ट्रेनों और बसों का शेड्यूल गड़बड़ा गया है। इससे यात्रियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनें जहां घंटों लेट चल रही हैं वहीं बसों की स्पीड भी घटा दी गई है।
हादसों को देखते हुए बस चालकों को ताकीद की गई है कि वह धीमी गति से बस चलाएं ताकि हादसों को रोका जा सके। बता दें कि मैदानी इलाकों में इन दिनों भयंकर कोहरा पड़ रहा है।
इस वजह से ट्रेनों और बसों का संचालन गड़बड़ा गया है। हापुड़ स्टेशन पर आने वाली अधिकांश ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों की देरी से पहुंच रही हैं।
बृहस्पतिवार को दिल्ली से बरेली की तरफ जाने वाली बरेली एक्सप्रेस और फैजाबाद से दिल्ली की तरफ जाने वाली फैजाबाद एक्सप्रेस भी डेढ़ घंटा लेट पहुंचीं।
वहीं मुजफ्फरपुर से दिल्ली की तरफ जाने वाली सद्भावना एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे की देरी से पहुंची। वहीं, इलाहाबाद से चलकर सहारनपुर की ओर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस सवा चार घंटा की देरी से पहुंची।
अवध-असम एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से दो घंटा लेट रही। इलाहाबाद से चलकर मेरठ की तरफ जाने वाली संगम एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से आठ घंटा की देरी से पहुंची।
स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि कोहरे की वजह से ट्रेनें पीछे से ही देरी से चल रही हैं। 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन अब 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही है। कोहरे की वजह से अफसरों ने पटाखे आदि का बंदोबस्त कर लिया है।
घने कोहरे के कारण हाईवे पर जहां रात को वाहनों का पहिया थम गया, वहीं मेरठ और बुलंदशहर रोड पर आने जाने वाले वाहन चालकों को होटल-ढाबों समेत सड़कों के किनारे रुकने को मजबूर होना पड़ा।
मंगलवार की रात में 10 बजते ही हवा के रुख के साथ वातावरण में घने कोहरे की परत जम गई, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह पटरी से उतर गई।
कोहरा इस कदर घना था कि ड्राइवरों को दस गज दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था, जिसके चलते हादसों की संभावना के मद्देनजर उन्हें अपने वाहनों को होटल-ढाबों समेत रास्तों में पड़ने वाले गांवों की आबादी में रुकने को मजबूर होना पड़ा।