गढ़मुक्तेश्वर। खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी अब स्थिर हो गया है लेकिन ग्रामीणों की समस्या जस की तस है। खाद्य सामग्री व अन्य कामों के लिए नाव का सहारा है। चारा लाने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। फसलों में भरा पानी उन्हें नष्ट कर रहा है। अधिकारी भी गंगा का पानी कम होने का इंतजार कर रहे है ताकि किसानों की नष्ट हुई फसलों का आकलन कर उन्हें मुआवजा दिलाया जा सके।
जलस्तर स्थिर है। बावजूद इसके यहां बसे गांवों में रहने वाले लोगों की समस्या कम नहीं हो रही है। सुबह-शाम प्रार्थना कर रहे हंै कि अब गंगा अपने स्थान पर चली जाएं। गांवों में बीमारी फैलने का भी खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ से तोरई, घीया, टमाटर आदि सब्जी की फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है। रही सही धान और गन्ने की फसल नष्ट होने की कगार पर है।