हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग से कुकर्म करने के मामले में शनिवार को निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश ने मामले के दोषी को पॉक्सो सहित कुकर्म का दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र मोहल्ला निवासी महिला ने थाने में तहरीर दी। जिसमें उसने कहा कि उसके पति मजदूरी करते है। उसके पति मोहल्ले के ही एक निर्माणाधीन मकान में राजमिस्त्री राजपाल के साथ मजबूरी कर कर रहे थे। मोहल्ले में 21 नवंबर 2022 को किसी की मौत हो गई। जिसके चलते उसके पति मजदूरी पर नहीं गए। वह दूसरी दूसरी जगह पर मजदूरी करने के लिए चल गए। दोपहर को उनका 13 वर्षीय नाबालिग पुत्र अपने पिता से मिलने के लिए पुराने निर्माणाधीन मकान पर राजपाल मिस्त्री निवासी कोकापुर थाना आदमपुर जनपद अमरोहा के पास चला गया। जहां पर आरोपी ने उनके नाबालिग पुत्र के साथ कुकर्म की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो, कुकर्म सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद पुलिस ने 27 जनवरी 2023 को मामले का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। जहां पर न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने आरोपी राजपाल मिस्त्री को पॉक्सो की धारा 9/10 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम व कुकर्म की धाराओं का दोषी करार दिया। जिसमें न्यायाधीश ने दोषी को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।