पितृ विसर्जनी अमावस्या पर पांच लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने ब्रजघाट गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। बड़ी संख्या में लोगों ने दिवंगत पितरों का तर्पण और पिंडदान किया। दिल्ली, हरियाणा,
राजस्थान और वेस्ट यूपी के जनपदों से भक्तों का आगमन बृहस्पतिवार दोपहर ही प्रारंभ हो गया था। देर रात से ही गंगा तटों पर श्रद्धालु उमड़ने लगे। तड़के शुभ मुहूर्त होते ही हर-हर गंगे के जयकारों के बीच गंगा स्नान शुरू हो गया, जो शुक्रवार देर शाम तक जारी रहा।
श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के उपरांत जलधारा में खड़े होकर वैदिक रीति रिवाज से अपने दिवंगत पितरों का तर्पण और पिंडदान कर उन्हें विदाई दी। साथ ही जिन दिवंगत लोगों की तिथि अज्ञात होती है या जिन परिवारों में किसी कारणवश श्राद्ध नहीं हो पाता है,
उनके परिजनों ने भी गंगा किनारे श्राद्ध कर्म किया। अधिकांश श्रद्धालुओं ने ब्राह्मणों को भोजन और दान दिया। इसके अतिरिक्त भक्तों ने किनारे पर बैठे पंडितों से भगवान सत्यनारायण की कथा सुन मंदिरों में ईष्ट देवों के समक्ष पूजा अर्चना की।
हरियाणा के सोनीपत के गांव सिकंदरपुर से आए अमित रिश्तेदारों के साथ गंगा में डुबकी लगा रहे थे। इस दौरान बाहर रखे कपड़ों से चोरों ने मोबाइल चुरा लिया।
वहीं पालिका उप-कार्यालय के पास बाजार में प्रसाद खरीद रही हरियाणा की सीमा का पर्स भी उचक्कों ने चुरा लिया। हालांकि बाद में पर्स में रखी 8 हजार की रकम का दंड दुकानदार को झेलना पड़ गया।
गंगा किनारे भीड़ का लाभ उठाकर स्नेचरों ने सुनयना दिल्ली, रुक्मणि मुरादाबाद, दुलारी नोएडा और सोहन सिंह गाजियाबाद के गले से सोने की चेन झपट लीं।
पितृ विसर्जनी अमावस्या के दौरान ब्रजघाट गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था। तेज बहाव के चलते रामेश्वरी, प्रियंका, सोनम दिल्ली, अनीता, कुमकुम गाजियाबाद, वीरबाला,
महेन्द्री, सुनील नोएडा, विवेक, हरिसिंह मुरादाबाद गहरे पानी में डूबने लगे। आसपास के लोगों का शोर सुनकर पहुंचे मल्लाहों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को गहरे पानी से निकाल लिया।