नगर पालिका परिषद की शहर के विभिन्न इलाकों में पड़ी करीब पांच अरब रुपये की जमीन को पालिका अफसरों की लापरवाही और साठगांठ से खुर्दबुर्द कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है।
माना जा रहा है कि अगर इस मामले की सही ढंग से जांच हुई तो ईओ सहित कई अफसर और पालिका के पदाधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
नगर पालिका हापुड़ के पूर्व चेयरमैन सतीश मित्तल ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त को पत्र भेजकर इस घपले का खुलासा करने का दावा किया है। उन्होंने मंडलायुक्त द्वारा गठित एंटी भू माफिया टास्क फोर्स से इस मामले की जांच करवाने की मांग की है।
सतीश मित्तल ने शिकायती पत्र में बताया है कि 1871 में पालिका भवन 10 हजार वर्ग गज भूमि में बना था, इस भूमि पर अब किसका कब्जा है, इसकी जांच होनी चाहिए। मित्तल के अनुसार अच्छेजा गांव में नगर पालिका परिषद की करीब एक लाख वर्ग गज जमीन है,
जिस पर कब्जे की जांच हो। गांव चमरी में पालिका की 5000 वर्ग मीटर जमीन पर भूमाफिया कब्जा कर चुके हैं, जिसके बारे में पालिका के अफसरों को जानकारी भी दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिकंदर गेट पर तीन बीघा 10 बिसवा जमीन की खरीद नगर पालिका ने की, जिसका भुगतान मालिक ने ट्रेजरी से लिया था। एक अप्रैल 2017 को उक्त भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा किया लेकिन पालिका के अफसरों ने इस जमीन पर कब्जा रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।
तहसील चौपला के पास भी पालिका की जमीन थी, जिसमें से आधी जमीन पांच वर्ष पहले बेच दी गई। तहसील चौपला के पास एक पेट्रोल पंप चलाने के लिए 60 साल पहले पालिका की जमीन किराए पर दी गई,
लेकिन इस जमीन का न तो किराया वसूला गया और न ही खाली कराने का प्रयास किया जा रहा। हद तो तब हो गई जब कांजी हाउस की 3000 वर्ग गज जमीन पालिका के एक पूर्व चेयरमैन के नाम कर फाइल ही पटल से गायब कर दी गई।
आरोप है कि रेलवे रोड पर पंजाबी कालोनी के पास 450 वर्ग गज जमीन पहली पालिका की चुंगी की थी, जिस पर 30 साल से कूड़ा पड़ता था। इस जमीन की बाजार के हिसाब से कीमत करीब 4 करोड़ रुपये है,
इस पर रातों रात सफाई के बाद हाल में नहीं मालूम कैसे कब्जा हो गया है। पालिका परिषद से जुड़े लोग मौन हैं। पत्र में कहा गया है कि गढ़ रोड पर पटना के प्रहलाद नगर में भी पालिका जमीन पर कब्जा कर मुआवजा उठा लिया गया है।
अपना घर कालोनी में पालिका की 800 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर मकान बन चुका है लेकिन पालिका परिषद मौन है। स्वर्ग आश्रम रोड पर रेलवे फाटक के पास पालिका की 3000 वर्ग गज भूमि पर कब्जा हो गया, लेकिन पालिका अधिकारी नहीं बोले।
पालिका की शिवपुरी में 1800 वर्ग गज, कलेक्टर गंज में 1300 वर्ग गज, सनातम धर्म के पास 1000 वर्ग गज, स्वर्ग आश्रम रोड पर एकेपी कालेज 2000 वर्ग गज, स्वर्ग आश्रम रोड पर ही फायर स्टेशन और न्यायिक अफसरों के निवास के लिए 5000 वर्ग गज पर कब्जा दे दिया गया।
पिछले पांच साल से कोई न्यायिक अधिकारी वहां नहीं रहता। उनका दावा है कि नगर पालिका परिषद की कुल लगभग पांच अरब की संपत्ति/भूमि खुर्दबुर्द की गई है। उन्होंने टास्क फोर्स से इस मामले की जांच कराने की मांग की है।
इसी के साथ इस घपले से जुड़े पालिका के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों की संपत्ति की जांच कराने की मांग भी उन्होंने की है। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मालती भारती का दावा है कि उनके कार्यकाल में एक रुपये की संपत्ति भी खुर्दबुर्द नहीं की गई है।
रेलवे रोड पर कूड़ा घर की जमीन के मामले में उनका कहना है कि उक्त जमीन पर एक परिवार ने यह कहकर कब्जा कर लिया था कि यह जमीन उनके पूर्वजों ने मुफ्त में पालिका को चुंगी वसूली के लिए दी थी। उनका निर्माण रुकवाकर कोर्ट में वाद दायर कर दिया गया है। उनसे पहले के अध्यक्षों के कार्यकाल में क्या हुआ, इससे उनका कोई मतलब नहीं है।