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Hapur News: सिखेड़ा में जमीन के विवाद में पथराव और फायरिंग, चार घायल

Tue, 12 Mar 2024 09:55 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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पिलखुवा। सिखेड़ा गांव में जमीन के विवाद में दो पक्षों में मारपीट, पथराव और फायरिंग हो गई। जिसमें दोनों पक्ष की ओर से चार लोग घायल हो गए। वहीं, भाजपा नेता के भाई पर फायरिंग करने का आरोप लगा है। पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह के करीबी भाजपा नेता ने सिखेड़ा निवासी सैयद अली से 2012 में पांच बीघा भूमि खरीदी थी। सोमवार को भाजपा नेता का भाई साथियों के साथ उस जमीन की चहारदीवारी कराने के लिए मौके पर पहुंचा। जिसका पड़ोसियों ने विरोध करते हुए जमीन की पैमाइश कराने के लिए तहसील से टीम बुलाने को कहा। आरोप है कि इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी से शुरू हुआ विवाद मारपीट, पथराव और फायरिंग तक पहुंच गया। जिसमें सलमान के पैर में गोली लगने एवं नसीर और जगमोहन पथराव में घायल हो गए। दो पक्षों में पथराव और फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। एसडीएम संतोष उपाध्याय, तहसीलदार एवं अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार, सीओ जितेंद्र कुमार शर्मा एवं एसएचओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहंचे। ग्रामीणों की मद्द से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां से चिकित्सकों ने चिंताजनक हालत में सलमान को मेरठ के लिए रेफर कर दिया है। एसएचओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी का कहना है कि जमीन के विवाद में पथराव और फायरिंग हुई है। अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से तहरीर नहीं दी गई है, तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।

ग्राम सभा की भूमि को लेकर विवाद :
ग्रामीणों ने बताया कि सैयद सौकत और अफसर तीन भाई हैं। तीनों की जमीन बराबर-बराबर में हैं। सैयद की जमीन भाजपा नेता ने खरीद ली है। ग्रामीणों का कहना है कि तीनों की भूमि के पास ग्राम समाज की भूमि है, जिसके कब्जे को लेकर विवाद है।
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प्रार्थना पत्र मिलने के बाद कराई जाएगी पैमाइश

एसडीएम संतोष उपाध्याय का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को आपस में निस्तारण करने के बाद भूमि की चहारदीवारी कराने की हिदायत दी गई है। वहां पर ग्राम समाज की भूमि होने की जानकारी नहीं है, भूमि की पैमाइश कराने के लिए किसी भी पक्ष की ओर से आवेदन नहीं किया गया था।
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