हापुड़। कपूरपुर थाना क्षेत्र के गांव डोमा टीकरी में बदायूं के 15 परिवारों को ईंट भट्ठे पर जबरन रोककर, उनसे दो महीने तक कार्य कराने और भुगतान नहीं करने पर तहसील और श्रम विभाग ने कार्रवाई की है। इन परिवारों के 24 सदस्यों को बंधुआ श्रम से मुक्त कराकर घर भेजा। भट्ठा संचालक के खिलाफ एफआईआर भी कराने की तैयारी है।
डोमा टीकरी में 24 लोगों से बंधुआ मजदूरी कराने और उन्हें प्रताड़ित करने की सूचना डीएम कविता मीना को एक व्यक्ति ने दी। मामले की गंभीरता पर डीएम ने तहसील, श्रम विभाग की टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में श्रम विभाग से श्रम निरीक्षक जितेंद्र सिंह, उप निरीक्षक अशोक राघव टीम के साथ गांव पहुंचे।
टीम ने मजदूरों से वार्ता की तो उनका दर्द छलक उठा। पीड़ितों ने बताया कि ईंट भट्ठे पर लगातार काम कराया जाता रहा, हर दिन 16 घंटे काम किया लेकिन हमारा भुगतान भी नहीं किया गया। इस दौरान उन्हें प्रताड़ित भी किया गया। महिलाएं तो अपना दर्द बताते हुए रो पड़ीं।
टीम ने सभी को भरोसा दिलाते हुए वाहन की व्यवस्था करायी। कागजी कार्रवाई करने के बाद सभी को उनके घर भेजा गया। श्रम निरीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि डोमा टीकरी के माजिद ब्रिक फील्ड का यह मामला है।
जिलेभर में चलाया जाएगा अभियान
धौलाना में बंधुआ मजदूरी का प्रकरण सामने आने के बाद अब श्रम विभाग ने जिलेभर में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसमें ईंट भट्ठा, क्रेशर, प्लांटों में जांच कर, मजदूरों से जानकारी की जाएगी। प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देशित किया गया है कि किसी से जबरन मजदूरी न कराएं और भुगतान भी न रोकें।
एफआईआर की प्रक्रिया शुरू
डोमा टीकरी स्थित माजिद ब्रिक फील्ड से मजदूरों को मुक्त कराया गया है। इस प्रकरण में बंधुआ श्रम अधिनियम व वेतन भुगतान अधिनियम के तहत एसडीएम न्यायालय में वाद दायर कराया जा रहा है। - जितेंद्र सिंह, श्रम निरीक्षक