गेहूं की कटाई धीरे-धीरे तेजी पकड़ रही है। जल्द ही बाजार में गेहूं की बड़ी आवक होने वाली है। ऐसे में बिचौलियों को रोकथाम प्रशासन बड़ी चुनौती बना हुआ है। शासन ने इस बार बिचौलियों का हस्तक्षेप रोकने के लिए गेहूं खरीद का पैसा सीधे किसान के खाते में भेजने की व्यवस्था की है।
यह पैसा क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के 24 घंटे के अंदर पहुंच जाएगा। इस बार बाजार और गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं का भाव लगभग बराबर है। गेहूं का सरकारी मूल्य 1525 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। गेहूं क्रय केंद्रों पर तौल से लेकर भुगतान तक के लिए किसान संशय में रहता है।
पिछले सालों में कई बार तोल केंद्रों पर घटतौली और मजदूरों की मनमानी की शिकायतें किसानों ने की हैं। किसान की इस परेशानी का फायदा बिचौलिया भी उठाता है, वह मंडी में नगद भुगतान में किसान का माल बिकवा देता है। शासन की ओर से समर्थन मूल्य घोषित करने के बाद बिचौलिये सक्रिय हो गए हैं।
वहीं प्रशासनिक अफसरों का दावा है कि बिचौलियों से किसानों को बचाने के लिए गेहूं खरीद योजना में नए नियम बनाए गए हैं। इस बार गेहूं खरीद का पैसा 24 घंटे के अंदर किसान के खाते में पहुंचेगा। किसान को क्रय केंद्र पर बही, खसरा के साथ अपने बैंक एकाउंट नंबर भी देना होगा।
गेहूं खरीद में बिचौलियों का सिस्टम खत्म किया जा रहा है। गेहूं बेचने के 24 घंटे के अंदर किसान को उसकी फसल का भुगतान सीधे खाते मिल जाएगा। - बीसी गौतम, जिला विपणन अधिकारी
आखिरकार चार दिन बाद गेहूं खरीद का लक्ष्य तय हो गया। शासन हापुड़ जिले से इस साल 18 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदेगा। जिला विपणन अधिकारी बीसी गौतम ने बताया कि शासन से गेहूं खरीद का लक्ष्य मिल गया है। मार्केटिंग और एजेंसी मिलकर 15 हजार मीट्रिक टन और एफसीआई तीन हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करेंगी। केंद्रों का भी लक्ष्य तय किया जा रहा है।