बदनौली में बन रहे 765 केवी बिजलीघर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर शुक्रवार को चार गांवों के किसानों ने हंगामा किया। बिजलीघर का घेराव कर रहे किसानों की साइट इंचार्ज से नोकझोंक भी हुई। साइट इंचार्ज ने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर 29 मार्च तक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
बदनौली गांव में 765केवी बिजलीघर का निर्माण हो रहा है। इस बिजलीघर के लिए श्यामनगर, बदनौली, गोयना और कस्तला कासमाबाद के 150 किसानों की करीब 360 बीघा जमीन ली गई है।
जमीन का अधिग्रहण करने के दौरान पावर कारपोरेशन के ट्रांसमिशन विंग के अधिकारियों ने 2525 रुपये मीटर के हिसाब से मुआवजा देना तय हुआ था, लेकिन दो साल बाद भी किसानों को मुआवजा तो दूर ब्याज का एक रुपया भी नहीं मिला है।
शुक्रवार को बदनौली गांव के प्रधान संदीप और श्यामनगर के प्रधान राजेंद्र के नेतृत्व में चारों गांव के दर्जनों किसान बिजलीघर पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने बताया कि बिजलीघर का निर्माण करने वाली कंपनी टरका रही है। जल्द ही उन्हें मुआवजा नहीं मिला तो वह बिजलीघर का निर्माण बंद करा देंगे।
घेराव की सूचना पर साइट इंचार्ज बीएस पटवाल पहुंचे तो किसानों की उनसे नोकझोंक हो गई। साइट इंचार्ज ने निर्माण कंपनी के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर 29 मार्च तक समय देने की बात कही। जिस पर किसान शांत हो सके। वहां पर पप्पू, कृष्ण प्रकाश त्यागी, प्रभाष त्यागी, मोहन सिंह, सुभाष शर्मा, सुनील, जगवीर सिंह, प्रेमवीर सिंह, सुधीर, कमल सिंह, नवाब, राजपाल सैनी आदि मौजूद रहे।