हापुड़। आपके पास कार है और आप नियमों के अनुसार सड़क पर वाहन चला रहे हैं तो जरूरी नहीं कि आपका चालान न कटे। ऐसे कई मामले प्रकाश में आए है कि जिनमें वाहनों के ई-चालान काटकर घर भेजा गए हैं, लेकिन चालान पर फोटो किसी दूसरे वाहन का है। ऐसे में आशंका है कि कुछ वाहन चालक फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चला रहे हैं और इसका खामियाजा असली वाहन स्वामी को भुगतना पड़ रहा है। मामले प्रकाश में आने के बाद पुलिस ऐसे मामलों की जांच कर रही है।
हापुड़ निवासी कमल कंसल के नाम से मिनी ट्रक (छोटा हाथी) रजिस्टर्ड है। कुछ दिन पहले इनके नाम चालान आया तो उनकी हैरानी का ठिकाना नहीं रहा। चालान में नंबर तो उनके वाहन का था, लेकिन फोटो ऑटो का था। पार्किंग नियमों का उल्लंघन करते हुए उसका 1500 रुपये का चालान काट दिया गया।
एक अन्य मामलों में अंकित कुमार के नाम मिनी ट्रक रजिस्टर्ड है। उनके वाहन का चालान आया। जिसमें बताया गया कि ड्राइवर ने सीट बैल्ट नहीं लगाई हुई थी। फोटो अस्पष्ट था और चालान में गाड़ी के रजिस्ट्रेशन का पता मेरठ का मुंडाली का दर्शाया गया था। जबकि वाहन हापुड़ के पते पर रजिस्टर्ड है। बुलंदशहर रोड निवासी राजन शर्मा की कार का चालान काट दिया गया। इसमें भी फोटो अस्पष्ट था। जबकि पीड़ित का कहना है कि पिछले कई दिनों से उनकी कार उनके घर के बाहर ही खड़ी है और वे उसे कहीं नहीं ले गए।
पुलिस करेगी मामलों की जांच-
यातायात प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि इस प्रकार के जो भी मामले हैं, उनकी जांच की जा रही है। इस प्रकार के मामलों में तकनीकी खामी भी हो सकती है। कभी कभी पुलिसकर्मी के दूर से वाहन का नंबर पढ़ने पर गलती हो जाती है। ऐेसे चालान बाद में स्वत ही निरस्त हो जाते हैं।