हापुड़। उपखंड क्षेत्र प्रथम के कबाड़ी बाजार में ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन बांट दिए। पारिवारिक विवाद के बाद कई लोगों को इस खेल का पता चला, जिसमें उनके आवास के पते पर दूसरे लोगों को कनेक्शन दिए गए हैं। मजे की बात यह है कि जो पता दिखाया गया है मीटर उस पर न लगाकर 100 से 200 मीटर दूर दूसरे भवनों पर लगाए गए हैं।
ऊर्जा निगम में भ्रष्टाचार इस कदर हावी है कि सुविधा शुल्क के लिए हर नियम आसानी से तोड़ा जा रहा है। हाल ही में कबाड़ी बाजार में कनेक्शन में भारी अनियमितता मिली हैं। यह गलती लापरवाही से नहीं बल्कि जान बूझकर की गई है। क्योंकि एक ही पते पर द- दो कनेक्शन दिए गए हैं, जिसमें एक घरेलू और दूसरा व्यावसायिक है।
फर्जीवाड़ा इस तरह पकड़ में आया कि कनेक्शन जिस पते पर लिया गया है, उस पर कोई मीटर नहीं लगाया। जबकि उस स्थान से दूर दूसरे भवनों पर मीटर लगाया गया है। एक धर्मशाला पर भी मीटर लगाया गया है, बिल में इसका पता भी कबाड़ी बाजार का ही दिखाया गया है।
केस नंबर एक
कबाड़ी बाजार निवासी प्रतीक गोयल ने बताया कि मोहल्ले में उनका मकान है। जिसके पते पर दो कनेक्शन मोहल्ले के ही एक अन्य व्यक्ति ने लिए हैं। बिल आने पर इसकी सूचना उन्हें मिल सकी। पता उनके घर का लगा है और मीटर एक धर्मशाला और दूसरे मकान पर। तीन महीने से निगम के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, अधिकारियों ने उक्त व्यक्ति को नोटिस भी जारी किया है। लेकिन कनेक्शन अभी भी उनके पते पर ही चल रहा है। निगम के अधिकारियों ने ही यह फर्जीवाड़ा कराया है।
केस नंबर दो-
नलकूप के कनेक्शनों से बांट दी निजी संस्थाओं को बिजली-
हापुड़ डिवीजन के दो अवर अभियंताओं ने बाईपास पर संबंधित क्षेत्र के एक मेडिकल कॉलेज और एक विज्ञापन पोल पर लगी लाइटों को जलवाने के लिए नलकूप के संयोजनों से ही सप्लाई दे दी। इन पर न तो मीटर लगाया गया है और न ही कनेक्शन है। लेेकिन सुविधा शुल्क के दम पर ये आसानी चल रहे हैं।
ऊर्जा निगम के बड़े घपले
* गढ़ डिवीजन से उपभोक्ताओं को बांटे बिजली चोरी के फर्जी नोटिस।
* बाबूगढ़ के भारतीय रक्षा प्रणाली के एस्टीमेट में 28 लाख की गड़बड़ी
* मेरठ बाईपास और उबारपुर में दो बिजलीघरों के बीच की लाइन बिना एस्टीमेट शिफ्ट की।
* 600 करोड़ के नलकूप बिल घोटाले में नहीं हुई कार्रवाई।
कोट -मामला संज्ञान में नहीं है, इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गलत कार्य नहीं होने दिया जाएगा। कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज निकालकर भी जांच कराएंगे।आदित्य भूषण भारती, अधिशासी अभियंता।