एक माह बाद भी आटे के भाव चढ़े हुए हैं, जबकि दालों का आयात होने से इनके दामों में कुछ गिरावट हुई है। दालों के दाम और गिरने की संभावना व्यक्त की जा रही है। करीब एक महीने पहले आटा 22 रुपये से बढ़कर 24 रुपये प्रति किलो हो गया था।
महीने दिन बाद भी इसके दामों में कोई गिरावट नहीं आई। कारोबारियों के अनुसार किसान गेहूं के सीजन में बुआई के लिए कुछ गेहूं को बीज के रूप में बचाकर रख लेते हैं। बुआई के बाद बचा गेहूं एक बार फिर बाजार में आता है, जिससे गेहूं और आटा सस्ता होने की संभावना रहती है।
लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इसे नोट बंदी का असर माना जा रहा है। हालांकि किराना व्यापारी राजेंद्र पंसारी ने बताया आटे के भावों में भी अब कमी आएगी। दूसरी ओर सरकार द्वारा महंगाई कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त मात्रा में दालों का आयात किया गया है। जमाखोरी भी नहीं हो रही है, इससे दालों के दाम गिरे हैं।
आटे और दालों के भाव प्रति किलो -
सामग्री पहले अब
आटा 22 24
मैदा 27 28
बेसन 150 145
चना दाल 135 130
उड़द धुली 150 130
उड़द छिलका 130 110
मूंग 100 80
अरहर 135 120