संवाद न्यूज एजेंसी
सिंभावली। क्षेत्र में पिछले 10 दिनों से तेंदुए की दहशत व्याप्त है। जंगल के साथ ही आबादी के निकट तेंदुए लोगों के सामने आ चुके हैं। वन विभाग ने गांव माधापुर के जंगल में पिंजरा भी लगा दिया हैं। इसके बावजूद तेंदुआ पकड़ में न आने से ग्रामीणों और राहगीरों में डर बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोग रात के समय अंधेरे में तेंदुए के हमले को लेकर डरे हुए हैं। इसी बीच, शनिवार की देर शाम एक बार फिर किसान महाविद्यालय के निकट तेंदुआ दिखने से दहशत और बढ़ गई है।
15 नवंबर को क्षेत्र में पुराने हाईवे किनारे स्थित किसान महाविद्यालय परिसर के गन्ने के खेत में कॉलेज में कार्यरत अनिल कुमार को फसल के बीच में तेंदुआ नजर आया। जिसे देखकर वह वापस लौट आए। सूचना के बाद आसपास के ग्रामीण और वन विभाग की टीम खेत पर पहुंची, जिन्होंने तेंदुए को तलाश किया, लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चला। जिसके बाद गांव माधापुर में किसान नरेंद्र त्यागी, लव कुमार को भी दो दिन में दो बार तेंदुआ नजर आया। बार-बार तेंदुआ दिखने की सूचना पर विभाग ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जंगल में पिंजरा लगा दिया, लेकिन तेंदुआ उसमें नहीं फंस सका है।
वही, किसान महाविद्यालय के चौकीदार सुभाष का दावा है कि शनिवार की देर शाम कॉलेज के निकट नलकूप के पास उन्हें तेंदुआ दिखाई दिया है। जिसे देखकर वह बुरी तरह डर गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि महाविद्यालय के आसपास आबादी क्षेत्र है। अब तेंदुआ जंगल के साथ ही आबादी के निकट भी बार-बार पहुंच रहा है। जो कभी भी लोगों और उनके पालतू मवेशियों पर हमला कर सकता है। इसलिए तेंदुए को पकड़ने के लिए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।
वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह ने बताया कि तेंदुए की तलाश में वन विभाग की टीम क्षेत्र के जंगल में कांबिंग कर रही है। पिंजरा लगाकर उसमें चारा भी बांधा जा चुका है। यदि क्षेत्र में तेंदुआ है, तो संभवतः जल्द पकड़ में आ जाएगा।