कुचेसर चौपला क्षेत्र के दर्जनों गांवों में इन दिनों सिंभावली शुगर मिल से गन्ना की पर्ची काफी कम पहुंच पा रही है। किसानों गेहूं की बुवाई के लिए गन्ने के खेतों को खाली नहीं कर पा रहे हैं। पशुओं के लिए चारा संकट भी गहराता जा रहा है।
इस संबंध में किसान कई बार गन्ना विभाग के अफसरों से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है। भाकियू शुक्रवार को मिल अधिकारियों का घेराव करेगी। जिले में बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती होती है,
यहां से मुख्यत: सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर किसानों का गन्ना जाता है। इन दिनों कुचेसर चौपला क्षेत्र के रसूलपुर, बनखंडा, उपैड़ा समेत दर्जनों गांवों में मिल से पर्याप्त संख्या में पर्चियां नहीं पहुंच पा रही हैं।
गेहूं की बुवाई का समय चल रहा है, लेकिन पर्चियों की कमी के चलते किसान खेत खाली नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने में भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव रसूलपुर निवासी जतिन चौधरी ने बताया कि गेहूं की बुवाई के लिए वह बीज बाजार से खरीद चुके हैं, लेकिन मिल से पर्ची नहीं मिलने के कारण खेत खाली नहीं कर पा रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने बताया कि शुगर मिल से पर्चियां नहीं मिलने के कारण समूचे क्षेत्र के किसान परेशान हैं।
शुक्रवार को सिंभावली मिल के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। किसानों की समस्या को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, जिला गन्ना अधिकारी नमिता कश्यप ने बताया कि वह मिल अधिकारियों से वार्ता कर रही हैं, किसानों को पर्ची किल्लत से परेशान नहीं होना पड़ेगा।