हापुड़। मेरठ-बुलंदशहर रोड का चौड़ीकरण मानक के अनुसार नहीं हो रहा है। सड़क किनारे लगे खंभों को हटाए बिना ही, कार्यदायी संस्था काम कर रही है। वहीं, वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण पेड़ भी नहीं कटे हैं। जबकि, ऊर्जा निगम को खंभे और लाइन शिफ्टिंग के लिए पैसा भी दिया जा चुका है। ऐसे में खंभे सड़क के बीच में खड़े हैं, जो हादसों का कारण भी बन सकते हैं।
लोक निर्माण विभाग द्वारा धीरखेड़ा से बुलंदशहर रोड स्थित सोना पेट्रोल पंप तक करीब 8 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। सड़क की चौड़ाई दस मीटर से बढ़ाकर 14 मीटर की जा रही है, वहीं, बीच में आधा मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जा रहा है। वर्तमान में डिवाइडर बनाने का कार्य लगभग पूरा हो गया है। सड़क चौड़ीकरण के लिए भी खोदाई हो चुकी है। वन विभाग से एनओसी न मिलने के कारण पेड़ों का भी कटान नहीं हुआ है। सड़क के दोनों तरफ ऊर्जा निगम के खंभे और विद्युत लाइन हैं, लोक निर्माण विभाग द्वारा शिफ्टिंग के लिए पैसा भी जमा कराया जा चुका है। लेकिन इसके बाद भी खंभे नहीं हट सके हैं और ठेकेदार द्वारा सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार का कहना है कि खंभे हटाने के लिए ऊर्जा निगम को पैसा जमा करा दिया गया है। आचार संहिता लगने के कारण टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। खंभे न हटने के कारण सड़क का काम रोक दिया गया है।