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UP Floods: नहीं सुधर रहे गांवों के हालत, नावों के सहारे आवागमन कर रहे लोग; सांप-कीड़ों ने बढ़ाई मु़श्किल

Sun, 10 Aug 2025 11:22 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, गढ़मुक्तेश्वर

सार

पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से किनारे पर बसे गांवों में दुश्वारियां पनपती जा रही हैं। बाढ़ का पानी गांवों की आबादी में पहुंच गया है। 
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गांव में घुसा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के हापुड़ स्थित खादर क्षेत्र के गांवों में घुसे बाढ़ के पानी से यहां रहने लोगों का जीवन बदहाल हो गया है। घरों के अंदर तक घुसे पानी से घरेलू कार्य करने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा खेतों में भारी जलभराव के बीच जान खतरे में डालकर चारा लाने के लिए बेबस होना पड़ रहा है। जबकि अपने घरों से नौकरी, मजदूरी करने के लिए जाने वाले लोगों को ट्रैक्टर ट्राली ही एक मात्र साधान बचा है। वहीं बाढ़ से प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से राहत सामग्री का वितरण भी किया जा रहा है। वहीं रविवार को करीब 15 सेंटीमीटर जलस्तर में कटौती दर्ज किए जाने से ग्रामीणों समेत प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

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पिछले कई दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से किनारे पर बसे गांवों में दुश्वारियां पनपती जा रही हैं। बाढ़ का पानी गांवों की आबादी में पहुंच गया है। कुछ गांव में घरों में पानी पहुंचाने से ग्रामीणों ने अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया। पानी के बहने की रफ्तार भी बहुत तेज है। इसलिए फसलों के साथ खेत गंगा के बहाव के साथ बह रहे हैं। चारे का संकट मंडराने लगा है। हालांकि प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। लेखपाल गांव-गांव घूम रहे हैं। 

सांप कीड़ों ने बढ़ाई मु़श्किल
खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ में बहकर आए सांप आदि जहरीले कीड़ों का प्रकोप भी बढ़ गया है। पशुओं को बाढ़ में बह जाने से बचाना और चारे का इंतजाम करना किसी चुनौती से कम नहीं है। चारे की फसल डूब जाने का खतरा सता रहा है। ग्रामीणों ने गांवों में कीड़े से बचाव के उपाए सुविधा कराने की मांग की है।

प्रशासन ने वितरण के लिए मंगाई खाद्य सामग्री
खादर क्षेत्र के गांवों में जहां जहां घरों में पानी भर चुका है, वह लोगों को जीवन ज्ञापन करने में कठिनाई का सामना ही करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन के अधिकारियों ने गंगा नगर, लठीरा, चक लठीरा, शेरा कृष्णा वाली मढैंया आदि गांवों में पहुंच कर ग्रामीणों को राहत सामग्री देकर हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
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क्या बोले अधिकारी
जलस्तर में धीरे धीरे कमी दर्ज हो रही है। रविवार की शाम तक भी करीब 15 से 17 सेंटीमीटर जलस्तर में कमी दर्ज की गई है। उम्मीद है आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी। -श्रीराम सिंह एसडीएम
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