संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। आधुनिकता की अंगुली थाम महिलाएं तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहीं हैं। जिले से 16 महिलाओं का ड्रोन दीदी के लिए चयनित किया गया है। महिलाएं इफको से मिलने वाले ड्रोन का उपयोग आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए करेंगी। बुकिंग लेकर वह अपनी आय बढ़ाएंगी। इन दीदी को सिर्फ ड्रोन मिलने का इंतजार है, इफको की ओर से मिलने वाले ड्रोन निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
केंद्र सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना चलाई जा रही है। इसमें समूह कि महिलाओं को सशक्त बनाने और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उन्हें इफको की ओर से ड्रोन दिए जाने की योजना है।
इसके लिए धौलाना, हापुड़, सिंभावली और गढ़मुक्तेश्वर ब्लॉक से 16 दीदी का चयन हो चुका है। पिछले माह इन दीदी को लखनऊ में ड्रोन उड़ाकर फसलों पर छिड़काव करने का प्रशिक्षण भी मिल चुका है। जल्द ही इफको की ओर से उन्हें ड्रोन प्रदान किए जाएंगे।
एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक तकसीर अहमद ने बताया कि एक ड्रोन की कीमत करीब 10 से 12 लाख रुपये है। ड्रोन की कीमत का 80 फीसदी भुगतान केंद्र सरकार और 20 फीसदी समूह द्वारा किया जाएगा। ड्रोन मिलने के बाद महिलाएं इसका उपयोग आधुनिक खेती में कर सकेंगी। इसके माध्यम से फसलों में नैनो डीएपी और कीटनाशक का छिड़काव कर सकेंगी। कृषि, गन्ना, उद्यान, वन विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा ड्रोन दीदीयों को कार्य उपलब्ध कराया जाएगा। एक घंटे में ड्रोन द्वारा छह हेक्टेयर भूमि पर छिड़काव हो सकेगा। इसके लिए महिलाएं 100 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों से चार्ज लेंगी।
पानी के साथ समय की भी बचत
दो एकड़ जमीन पर कीटनाशक छिड़काव करने के लिए करीब एक हजार लीटर पानी का इस्तेमाल होता है। हाथ वाली मशीन से दो एकड़ में छिड़काव करने में करीब 10 दिन लग जाते हैं, लेकिन यही काम ड्रोन से सिर्फ 40 से 50 मिनट किया जा सकता है। 30 लीटर पानी में रसायन मिलाकर दो एकड़ की फसल में छिड़काव हो जाएगा। वहीं किसानों को खेत में (खासकर धान) उर्वरक या कीटनाशक के छिड़काव के लिए पानी भरे खेत में उतरना पड़ता है। ऐसे में विषैले जीव के डसने की आशंका रहती है। जल्द ही किसान अब ड्रोन की बुकिंग कराकर फसलों पर छिड़काव करा सकेंगे।