एचपीडीए द्वारा रेलवे की भूमि में आठ साल पहले लाखों के बजट से लगाए गए पेड़ रख रखाव नहीं होने के कारण सूख गए हैं। अधिकतर पौधों को लोग उखाड़ ले गए। वहीं, रेलवे अधिकारी मामले से अंजान हैं।
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2008 में करीब 12 हजार पौधे रेलवे स्टेशन और रेलवे लाइन के आसपास लगवाए थे। इन पौधों को लगाने में करीब 35 लाख रुपये प्राधिकरण ने खर्च किए थे। पौधे लगाने के बाद इनकी देखरेख की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की थी।
रेलवे ने तीन साल के लिए इनके रखरखाव के लिए 16 रुपये प्रति वर्ष प्रति पौधे के हिसाब से ठेका भी छोड़ा था। इन सब के बावजूद अब इन पेड़ों ही हालत बहुत बुरी हैं। इनमें से इक्का दुक्का पेड़ ही हरे हैं।
जबकि बाकी सूख चुके हैं। अधिकतर सूखे पेड़ों को लोग जलाने के लिए उखाड़कर ले गए हैं। इसके अलावा जिन स्थानों पर ये पेड़ लगे हैं अब वहां गंदगी पसरी है।
इस संबंध में डीआरएम प्रमोद कुमार का कहना है कि मामला काफी पुराना है। मामले की जांच कराई जाएगी। साथ ही इसके लिए जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।