हापुड़। शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को नई मंडी में घर के बाहर खेल रहे डेढ़ साल के मासूम का होठ कुत्ते ने चबा लिया। इसके अलावा शरीर में कई जगह दांत गड़ा दिए। गंभीर हालत में बच्चे को सीएचसी लाया गया। उपचार के लिए परिजन फूट-फूटकर रोए। स्टाफ ने तत्काल बच्चे को प्राथमिक उपचार देकर सीरम वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, फूलगढ़ी निवासी बुजुर्ग पर भी कुत्तों ने हमला किया। इससे उनकी गर्दन और पैर पर गहरे जख्म हो गया। मंगलवार को सीएचसी में ऐसे मरीजों की भरमार रही। स्वास्थ्य विभाग ने 180 से ज्यादा मरीजों को रेबीज की एंटी वैक्सीन लगाई।
सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने के बावजूद हापुड़ में लावारिस कुत्तों पर कोई नियंत्रण नहीं है। मलीन बस्तियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक में लावारिस कुत्ते सड़कों पर आने-जाने वाले लोगों पर हमला कर रहे हैं। मंगलवार को हापुड़ सीएचसी में ऐसे सैकड़ों मामले सामने आए। इसमें नई मंडी निवासी आशु का डेढ़ वर्षीय बेटा नैतिक था। उसके होठ को कुत्ते ने पूरी तरह से चबा रखा था, सिर में भी दांत गड़ने के निशान थे। गंभीर हालत होने पर बच्चे को प्राथमिक उपचार दिलाकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके अलावा फूलगढ़ी निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग सुलेमान के पैर और गर्दन पर कुत्ते ने काटा हुआ था। बुजुर्ग को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने के बाद सीरम लगवाने के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
इसके साथ ही गढ़ गेट पुलिस चौकी निवासी समादी, नई मंडी आंबेडकरनगर निवासी शिवकुमार, अतरपुरा निवासी अतुल को भी कुत्ते ने काटा था। अधिकांश लोगों ने बताया कि घर से बाजार, स्कूल, अन्य किसी काम से जाते समय रास्ते में कुत्तों ने हमला किया है।
शादी में फेरे कराने पहुंचे पंडित को कुत्ते ने काटा
सीएचसी में मंगलवार को कुत्ता काटने से घायल पंडित अतुल कृष्ण भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि इम्टौरी के पास एक शादी समारोह में फेरे कराने जा रहा था। रास्ते में ही कुत्ते ने पैर में काट लिया। उन्होंने भी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई।
हापुड़ सीएचसी में पांच दिन में लगी वैक्सीन
दिनांक लगे टीके
10 फरवरी 180
09 फरवरी 165
08 फरवरी 172
07 फरवरी 182
05 फरवरी 143
कुत्तों के बधियाकरण के लिए चौथी बार निकाला टेंडर
नगर पालिका ने एक हजार कुत्तों के बधियाकरण का टेंडर चौथी बार निकाला है, लेकिन इसको लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। इसके पीछे की एक वजह यह भी है कि पूर्व में जिन्होंने यह टेंडर लिया था। उसका पूरा भुगतान नहीं हो पाया।
रैबीज वैक्सीन और सीरम की है उपलब्धता
जिले के सरकारी अस्पतालों में रेबीज और सीरम की पर्याप्त मात्रा है। कुत्ता, बंदर के काटने पर वैक्सीन अवश्य लगवाएं। इसमें देरी जान पर खतरा बन सकती है। - डॉ. सुनील त्यागी, सीएमओ।