धौलाना के गांव डाहना में निर्माणाधीन होम्योपैथिक अस्पताल के निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग करने पर डीएम ने कार्यदायी संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। कुछ दिन पहले इसी अस्पताल का छज्जा गिरने से चार मजदूर घायल हो गए थे।
डीएम कृष्णा करुनेश ने एमएसडीपी और अन्य योजनाओं के तहत जिले में हो रहे निर्माण की जांच के लिए चार टीमों का गठन किया था। इसमें धौलाना एसडीएम पुष्पराज सिंह के नेतृत्व में टीम ने धौलाना के गांव डहाना स्थित होम्योपैथिक अस्पताल के निर्माण की जांच की।
जांच के दौरान पता चला कि निर्माण के दौरान घटिया और निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा था। यह स्थिति तब थी जब कुछ दिन पहले ही इसी अस्पताल का छज्जा अचानक गिर गया था। हादसे में चार मजदूर दबकर चोटिल हो गए थे।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुुए डीएम ने कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर निर्माण पर खर्च की गई रकम वसूलने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी।
उधर, निरीक्षण के लिए अठसैनी के होम्योपैथिक अस्पताल में पहुंचे एसडीएम ताला लटका देख भड़क उठे। उन्होंने लापरवाह चिकित्सक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
योगी सरकार चिकित्सा सेवा को पूरी तरह चुस्त दुरुस्त करने की मुहिम चल रही है, लेकिन फिर भी सरकारी अस्पतालों का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। एसडीएम आरएन पांडेय शनिवार को गढ़ क्षेत्र के अठसैनी गांव में होम्योपैथिक अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे।
अस्पताल में ताला लटका हुआ था और दवा लेने आए कई मरीज काफी देर से चिकित्सक का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद एसडीएम ने दौताई गांव के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया।
एसडीएम ने बताया कि दौताई अस्पताल में चिकित्सक सहित स्टाफ कर्मचारी मौके पर मौजूद मिले, लेकिन अठसैनी के होम्योपैथिक अस्पताल में ताला लटका हुआ था। मामले में लापरवाह चिकित्सक और स्टाफ कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।