भू-जलस्तर के गिरने से जिले के तीन विकास खंडों में बनी डार्क जॉन की समस्या से उभरने की गांव अटौला स्थित डीएम पब्लिक स्कूल ने पहल शुरू की है। बरसात के पानी को बर्बाद होने से रोकने के लिए स्कूल परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किया गया है।
शुक्रवार को प्रधानाचार्य ने स्टूडेंट्स को इसका महत्व बता, जल संरक्षण का प्रण दिलाया। जल संरक्षण को लेकर सरकार अनेक योजनाएं तैयार कर रही है। लेकिन लोगों की जागरूकता के अभाव में न तो तालाबों पर से अतिक्रमण हट रहा है और न ही बरसात के पानी का संरक्षण किया जा रहा है।
इसी अज्ञानता के अभाव में आज जिले के चार में से तीन ब्लॉक डार्क जोन की सूची में पहुंच चुके हैं। गांव अटौली स्थित डीएम पब्लिक स्कूल ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार कर न सिर्फ बरसात के पानी के संरक्षण का प्रयास किया है,
बल्कि इस विद्यालय में पढ़ रहे 1600 बच्चों को भी जल संरक्षण का प्रण दिलाया है। इस सिस्टम को बच्चों के पढ़ाई में भी शामिल किया गया है।
प्रधानाचार्य जितेंद्र सिंह ने बताया कि जल संरक्षण को लेकर उन्होंने स्कूल में यह पहल शुरू की है। गांवों का दौरा कर अभिभावकों को भी जल संरक्षण के उपायों से अवगत करा रहे हैं।
बच्चों में जागरूकता आ सके इस उद्देश्य से उनकी पढ़ाई में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को शामिल किया गया है। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने जल संरक्षण का प्रण लिया।