फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला सहकारी बैंक और समितियों पर पुराने नोट बंद

Tue, 15 Nov 2016 09:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
विज्ञापन
rupees
विज्ञापन
हापुड़, गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद जिले के लिए संयुक्त रूप से संचालित गाजियाबाद जिला सहकारी बैंक में पुराने नोट नहीं चल रहे हैं। बैंक और समितियों पर पुराने नोट नहीं चलने से साढ़े तीन लाख खातेदारों में से दो लाख खातेदार बकाया भुगतान करने और खाद के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन


वहीं, पुराने नोट नहीं चलने से तीनों जिलों के किसानों पर करीब 175 करोड़ रुपये की बकाया वसूली भी रुक गई है। 500 और 1000 रुपये का नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद गाजियाबाद जिला सहकारी बैंक ने अपनी शाखाओं,

किसान सहकारी समितियों और सहकारी गन्ना विकास समितियों पर पुराने नोट नहीं लेने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते किसान समितियों के बकाया ऋण जमा नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन


बहुत से किसान ऐसे हैं जिनकी लिमिट पूरी हो गई है और उन्हें उधार डीएपी, यूरिया या एनपीके आदि नहीं मिल पा रही है। लालपुर के किसान आदेश चौधरी ने बताया कि जिला सहकारी बैंक और समितियों पर पुराने नोट नहीं लिए जाने से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है।

इसका तत्काल समाधान होना चाहिए। रसूलपुर के प्रगतिशील किसान मलूक सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1000 और 500 के नोट बंद कर देश हित में कदम उठाया है।

उन्हें किसानों के हित को ध्यान में रखकर सहकारी बैंकों और किसान सेवा सहकारी समितियों पर पुराने नोट चलाए जाने की स्वीकृति देनी चाहिए।

गाजियाबाद जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष एवं इफ्को के निदेशक चौधरी शीशपाल सिंह ने बताया कि कि तीनों जिलों में बैंक के करीब साढ़े तीन लाख सदस्यों में से दो लाख किसान हैं। सहकारी बैंक और समितियों में पुराने नोट नहीं चलने की समस्या पूरे प्रदेश और देश में है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा इफ्को के चेयरमैन केंद्रीय वित्त मंत्री से इस संबंध में वार्ता कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। उनके बैंक का किसानों पर 175 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिसकी वसूली रुक गई है।

जिले के सहकारी बैंकों में मंगलवार को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को जमा नहीं किया जा सका। कुचेसर चौपला स्थित सहकारी बैंक पर ग्राहकों ने काफी हंगामा किया। बैंक प्रबंधक सर्वेश कुमार ने बताया कि आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार वह कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन


आरबीआई ने ही 500 और 1000 के नोट लेने से मना किया है। भाकियू नेता जतिन चौधरी ने भी प्रबंधक से वार्ता की, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें