हापुड़। दिन और रात के तापमान में 15 डिग्री तक का अंतर है, इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। ओपीडी में खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हाथ पैरों में दर्द से भी मरीजों का बुरा हाल है। बच्चों के पेट में संक्रमण भी बढ़ा है।
बरसात के बाद से दिन में चटक धूप खिल रही है, जिससे अधिकतम तापमान 22 डिग्री तक पहुंच रहा है। जबकि रात के समय तापमान सात डिग्री तक गिर रहा है। तेज हवाएं के साथ मौसम में हो रहा उतार-चढ़ाव मरीजों की संख्या बढ़ा रहा है।
गढ़ रोड स्थित सीएचसी अधीक्षक डॉ. दिनेश खत्री ने बताया कि इन दिनों औसतन 800 नए मरीज अस्पताल आ रहे हैं। इनमें से 80 फीसदी लोग मौसमी बीमारी से ही ग्रस्त पाए जा रहे हैं। एक सप्ताह से अधिक तक बुखार आने पर लापरवाही न करें। इसकी जांच तत्काल करानी चाहिए।
मरीजों को ये हो रही हैं परेशानियां
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रदीप मित्तल ने बताया कि मौसम में तापमान के अंतर से मरीजों को सूखी खांसी, गले में जलन, गले में सूखापन महसूस होना जैसी परेशानी हो रही हैं। इसके अलावा नाक में भी जलन की परेशानी, हाथ पैरों में दर्द, बुखार और जुकाम की परेशानी हो रही है। फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
ये बरतें सावधानियां-
* रात के समय गर्म कपड़े पहनें।
* खराश, गले में दर्द, कान या आंख में परेशानी या बुखार होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लें।
* गर्म पानी से भाप लें और गर्म पानी का सेवन करें।
* दमा के मरीजों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
* धूल भरी हवा चलने पर मास्क पहनकर ही बाहर निकलें।