संवाद न्यूज एजेंसी
पिलखुवा। रामलीला मैदान में चल रही 9 दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन बृहस्पतिवार को कथा वाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज ने राम वनवास और राम-केवट संवाद का प्रसंग सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
कथा वाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि भगवान राम मर्यादा स्थापित करने को मानव शरीर में अवतरित हुए थे। पिता की आज्ञा पर वह वन चले गए। भगवान राम वन जाने के लिए गंगा घाट पर खड़े होकर केवट से नाव लाने को कहते हैं लेकिन, केवट मना कर देता है और पहले पैर पखारने की बात कहता है। केवट भगवान के बिना पैर धोए नाव में बैठाने को तैयार नहीं होता है। उन्होंने कहा कि गंगा पार कर श्रीराम प्रयाग में भारद्वाज मुनि के आश्रम पहुंचे, वहां से भारद्वाज मुनि से पूछा मैं तपस्या करने के लिए कहां जाएं, मुनि उन्हें दक्षिण दिशा में चित्रकूट की तरफ भेज देते हैं। इस अवसर पर सुनील गर्ग, डॉ सौरभ गौयल, अंकुर गोयल, शुभम गोयल, आयुष गोयल, लक्ष्मी नारायण गोयल, बिजेंद्र गोयल, राकेश अग्रवाल, अशोक सिंघल, शीश पाल सैनी, प्रेम चंद, राजू भैया, बृजघाट, राजकुमार सिंघल, रोहित अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, राकेश गर्ग, दीपक राज कंसल, अनुराग गर्ग, संजीव मित्तल, शम्मी कपूर वर्मा, भूषण गोयल हेमंत गर्ग, विनय सिंघल, नीरा गोयल, हरि मोहन, सुशील कुमार, अशोक गोयल, सुधीर गोयल, चेतन कंसल, अशोक कंसल, कृष्ण कुमार गोयल समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।