गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद अधिकांश श्रद्धालु अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।
ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर्व पर बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं ने ब्रजघाट, कच्चे घाट और आसपास के अन्य गंगा घाटों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दान-पुण्य किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने स्नान के उपरांत भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
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गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद अधिकांश श्रद्धालु अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। पर्व के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। राहत की बात यह रही कि पूरे दिन किसी भी प्रमुख मार्ग पर जाम की स्थिति नहीं बनी।
राष्ट्रीय राजमार्ग सहित प्रमुख संपर्क मार्गों पर यातायात सामान्य रूप से संचालित होता रहा। हालांकि प्रशासन को लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद थी, लेकिन अपेक्षा के अनुरूप भीड़ कम रही। इसके बावजूद घाटों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और धार्मिक माहौल के बीच गंगा तट पर आस्था का उत्साह देखने को मिला।