हापुड़। डेंगू की चपेट में आकर बच्चों के सिर तप रहे हैं, इनकी प्लेटलेट्स भी तेजी से गिर रही हैं। शनिवार को भी दो मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई, मरीजों की संख्या बढ़कर अब 124 पहुंच गई है।
फिजिशियन डॉ.प्रदीप मित्तल ने बताया कि डेंगू में तेज बुखार होता है, जो दो से तीन दिन तक भी बना रह सकता है। डेंगू होने पर शरीर में निर्जलीकरण होने लगता है, प्लेटलेट्स गिरने के कारण रक्तस्त्राव का खतरा अधिक रहता है। बुखार की चपेट में आने वाले बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सिर से बुखार चढ़ता है जो बच्चों की हालत को गंभीर बना रहा है। हालांकि सामान्य उपचार के बाद बच्चे स्वस्थ हो रहे हैं।
इन दिनों मरीजों में देखा जा रहा है कि एक दिन के बुखार में ही प्लेटलेट्स 50 हजार से नीचे आ रही हैं। अधिकांश मरीज ऐसे हैं जिनकी प्लेटलेट्स 35 हजार तक रह गई। हालांकि सही इलाज लेने पर सात दिन के अंदर ही ये पूरी हो रही हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 35 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच कराई, इसमें दो मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिले में अब डेंगू के मरीजों की संख्या 124 पहुंच गई है। साथ ही 105 घरों में लार्वा खोजा, जिसमें 67 कूलर, 224 गमले, 63 ड्रम, 42 टायर, 51 फ्रीज की ट्रे, 262 अन्य पात्र शामिल थे। 35 पात्रों में लार्वा मिला, जिसे नष्ट करा दिया गया है।
सीएमओ ने बाबूगढ़ पीएचसी पर मारा छापा
सीएमओ डॉ.सुनील त्यागी ने शनिवार को बाबूगढ़ पीएचसी पर छापा मारा। यहां स्टॉफ मौजूद मिला, मरीजों से फीडबैक लिया गया। साफ सफाई व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मरीजों का चल रहा इलाज
डेंगू से पीड़ित चार मरीजों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है 65 से अधिक डिस्चार्ज हो चुके हैं। पांच से सात दिन में मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। झोलाछापों से उपचार न कराएं, अच्छे चिकित्सक से ही परामर्श लें।डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।