हापुड़। बरसात के मौसम में संचारी रोगों से निपटने के लिए जिले की सभी आठ सीएचसी में संचारी वार्ड बनेंगे। मच्छरदानी युक्त बेड पर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। साथ ही एंटीजन और एलाइजा टेस्ट की भी व्यवस्था रहेगी। अस्पतालों में साफ सफाई के भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।
जुलाई से सितंबर के बीच संचारी रोगों का खतरा अधिक होता है। हापुड़ में हर साल डेंगू के मामले बढ़ते हैं। मलेरिया भी मरीजों को परेशान करता है। इन रोगों के रोकथाम को लेकर 31 जुलाई तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मरीजों को भर्ती करने की भी समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
हापुड़, गढ़, बहादुरगढ, सपनावत, पिलखुवा, सिखैड़ा, गोहरा समेत आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचारी वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन वार्ड में बेड पर मच्छरदानी भी लगी होंगी। कूलर, एसी की व्यवस्था के साथ साफ सफाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
वायरल बुखार के बढ़ रहे मरीज
मौसम में बदलाव के साथ नजला, खांसी और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में सोमवार को ऐसे 700 से ज्यादा मरीज आए। इसके अलावा पेट संक्रमण वाले मरीजों की संख्या भी काफी अधिक रही।
संचारी रोगों से निपटने की तैयारी
संचारी रोगों पर नियंत्रण पाने के लिए 31 जुलाई तक अभियान चलाया जा रहा है। लोग अपने घरों के आस पास स्वच्छता बनाकर रखें, जलभराव न होने दें। अस्पतालों में संचारी वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। - डॉ. किशोर आहूजा, सीएमओ