कोहरे के चलते ट्रेन और बसों का संचालन पूरी तरह गड़बड़ा गया है। ट्रेनों और बसों की लेटलतीफी यात्रियों का सिरदर्द बन गई हैं। ट्रेनों के घंटो देरी से चलने के कारण जहां यात्रियों को पेरशानी का समना करना पड़ रहा है।
वहीं, कोहरे के चलते बसों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना ही पड़ रहा है, साथ ही रोडवेज निगम को भी घाटा उठाना पड़ रहा है। शुक्रवार को कोहरे के चलते डिब्रूगढ़ से लालगढ़ को जाने वाली अवध आसाम एक्सप्रेस रद्द रही।
इसके अलावा नौचंदी एक्सप्रेस साढ़े नौ घंटे, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, फैजाबाद एक्सप्रेस पौने नौ घंटे, संगम एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, रानीखेत एक्सप्रेस दो घंटे, सत्याग्रह एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, पदमावत एक्सप्रेस आठ घंटे, शहीद एक्सप्रेस सात घंटे,
ऊना हिमाचल एक्सप्रेस 30 मिनट, बुलंदशहर दिल्ली शटल 20 मिनट, मसूरी एक्सप्रेस एक घंटा 20 मिनट व लखनऊ मेल पौने पांच घंटे की देरी से पहुंची।
स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र सिंह का कहना है कि कोहरे के चलते ट्रेनों का संचालन बिगड़ा हुआ है। कई ट्रेन घंटों की देरी से आई हैं। आगामी दिनों में मौसम में सुधार होने पर ही संचालन सुचारु रूप से चलेगा।
घने कोहरे के चलते विभिन्न रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। यात्रियों को परेशानी होने के साथ ही रोडवेज निगम को भी एक लाख रुपये प्रतिदिन की चपत लग रही है।
कोहरे के कारण गढ़ डिपो से आगरा, ऋषिकेश, शामली, बड़ौली, शामली-करनाल, मेरठ-गढ़-करनाल रूट पर चलने वाली बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। बसों के अप डाउन के टाइम में बढ़ोतरी हो गई है, दो दिन में आने वाली बस अब तीन दिन में लौट-फेर कर रही हैं।
ठिठुरती सर्दी में चालक और परिचलक भी रात की ड्यूटी करने के कन्नी काट रहे हैं। कई बसों का संचालन फिलहाल बंद होने के कगार है। संचालन प्रभावित होने के साथ ही रात में सफर करने वाले यात्रियों की तादाद भी काफी घटी है, जिससे राजस्व भी घटता जा रहा है।
एआरएम संदीप अग्रवाल ने बताया कि कोहरा और सर्दी के मद्देनजर रात में यात्रियों की तादाद घटी है। गढ़ डिपो को प्रतिदिन एक लाख से अधिक केराजस्व का नुकसान हो रहा है।