रामपुर रोड पर लगा कूड़े का ढेर। संवाद
हापुड़। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (ठोस कूड़ा प्रबंधन) के लिए जमीन की खरीद में लगातार देरी के कारण शहर की सड़कों पर लगे कूड़े के ढरों का निस्तारण नहीं हो रहा है। रामपुर रोड पर बना डंपिंग ग्राउंड कई बार फुल हो चुका है। इसके बाद भी जमीन की खरीद को लेकर अधिकारी चिंतित नहीं हैं। 17 फरवरी को प्लांट की भूमि को खरीदने के लिए होने वाली खुली बोली को भी निरस्त कर दिया गया है।
बता दें कि वर्तमान में शहर के कूड़े के निस्तारण की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। मात्र एमआरएफ सेंटर के जरिए प्रतिदिन करीब 15 टन सूखे कूड़े के निस्तारण का दावा किया जाता है, लेकिन पूरे शहर से प्रतिदिन करीब 111 टन सूखा और गीला कूड़ा निकलता है। ऐसे में शेष कूड़े के निस्तारण को लेकर अभी कोई व्यवस्था नहीं है। इस कूड़े को डलाव घरों से उठाकर रामपुर रोड पर डाला जाता है। यह कूड़ा डलाव घर कई बार फुल हो चुका है और दिल्ली की तरह ऊंचा कूड़े का पहाड़ सा बन गया है। इस कारण मार्ग पर बदबू फैलती है।
कूड़े का निस्तारण न होने के बाद भी और तमाम समस्याओं को देखते हुए अधिकारी चिंतित नजर नहीं आते हैं। इस कारण स्वच्छ भारत मिशन को भी पलीता लग रहा है।
आठ सालों से जमीन खरीद का इंतजार
शासन ने करीब आठ साल पहले प्लांट के निर्माण के लिए पालिका सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में ढाई किलोमीटर जमीन पर निर्माण के आदेश दिए थे। करीब सात साल तक तो अधिकारी एक ही स्थल पर जमीन की तलाश में जुटे रहे, लेकिन जब सरकारी जमीन नहीं मिली तो अधिकारियों ने खरीदने का निर्णय लिया। बता दें कि पिछले दिनों शासन से करीब 32 करोड़ रुपये की टाइड ग्रांट धनराशि में से अब इस भूमि की खरीद होगी। वहीं, भूमि की चाहरदीवारी के लिए सालों पहले पालिका को छह करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसके बाद भी अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
यह कहते हैं अधिकारी
अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि 17 फरवरी को होने वाली खुली बोली को तकनीकी व अपरिहार्य कारणों से निरस्त किया गया है। बोली को लेकर पुन: सूचना जारी की जाएगी। जमीन की खरीद पूरे नियमों के साथ की जाएगी।