हापुड़। भीषण गर्मी के चलते डिहाइड्रेशन, डायरिया और फूड प्वाइजनिंग के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस वजह से सीएचसी और जिला अस्पताल की ओपीडी लगभग फुल हैं। अस्पताल में प्रतिदिन 20-25 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं, चिकित्सक लोगों को तेज धूप में बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं।
पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान बढ़ रहा है। तेज धूप और गर्मी के कारण अधिक तला हुआ खाद्य पदार्थ भी नुकसान पहुंचा रहा है। इन दिनों डिहाइड्रेशन, डायरिया और फूड प्वाइजनिंग के मामले लगभग दोगुने हो चुके हैं। कुछ मरीजों को जरूरत पड़ने पर पांच से आठ घंटे तक भर्ती करके उपचार देने के बाद सेहत में सुधार होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है। अप्रैल के मध्य तक सीएचसी की ओपीडी में इस तरह के करीब 30 मामले तक प्रतिदिन आते थे। इनकी संख्या बढ़कर अब 60 के आसपास पहुंच चुकी है। यही हाल जिला अस्पताल ओर अन्य अस्पतालों का भी है।
सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अशरफ ने बताया कि इमरजेंसी में 10 बेड हैं। जिला अस्पताल में अलग से पूरा वार्ड है। भीषण गर्मी के कारण अब लोग उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, डिहाइड्रेशन का शिकार हो रहे हैं। प्रतिदिन भर्ती हो रहे मरीजों में से कुछ की खराब हालात अधिक होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। बाकी के मरीजों को कुछ घंटे के उपचार के बाद सुधार होने पर सीएचसी से ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। दस्त के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है, इसमें धूप में काम करने वाले लोग अधिक हैं।
मामले में सीएमओ डॉ. वेदप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि लोगों को तेज धूप में न निकलने की सलाह दी गई है। सुबह और शाम के समय लोग पार्कों में टहल सकते हैं।
इन बातों का ध्यान रखने की जरूरत
- दिन में कम से कम तीन से चार लीटर पानी पीएं, इसमें ओआरएस मिला सकते हैं।
- तरबूज, खरबूज, संतरा, अंगूर समेत रसदार फल खाएं।
- सलाद अधिक खाएं, रात में मैदा से बना भोजन करने से बचें।
- सुबह नाश्ता करके ही बाहर निकलें, नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।