हापुड़। राज्य सरकार ने पुराने कर बकाये के बोझ से परेशान व्यापारियों को राहत देने के लिए ब्याज माफी योजना-2026 लागू की है। योजना से जिले के करीब एक हजार व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इन पर लगभग 10 करोड़ रुपये का कर बकाया है।
योजना का लाभ लेने और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य कर विभाग कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। यहां रोजाना एक सहायक आयुक्त और एक राज्य कर अधिकारी की तैनाती रहेगी।
व्यापारी हेल्प डेस्क पर पहुंचकर योजना की शर्तों, बकाया राशि और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ले सकेंगे। राज्य कर विभाग के उपायुक्त लालचंद्र ने बताया कि जिले में करीब एक हजार व्यापारियों पर दस करोड़ रुपये का बकाया है।
शासन की यह योजना पुराने कर विवादों और बकाये के निस्तारण में मददगार साबित हो सकती है। योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक विभिन्न पुराने कर कानूनों के अंतर्गत बने बकाये पर निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज और अर्थदंड में छूट दी जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को बकाया मूलधन जमा करना अनिवार्य होगा। इसमें उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम, वैट, केंद्रीय बिक्री कर, प्रवेश कर, मनोरंजन कर और विलासिता कर के तहत बनी मांगें शामिल हैं। बकाये के अनुसार मिलेगी ब्याज में छूट : योजना में बकाया राशि के आधार पर ब्याज माफी का प्रावधान किया गया है। 10 लाख रुपये तक के बकाये पर ब्याज में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी।
10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के बकाये पर 90 प्रतिशत, एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक पर 75 प्रतिशत और पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर 50 प्रतिशत ब्याज माफ किया जाएगा।
बकाया जमा नहीं करने के कारण लगाए गए अर्थदंड में सभी श्रेणियों में पूरी छूट मिलेगी। हालांकि, अन्य प्रकार के अर्थदंड योजना के दायरे में शामिल नहीं होंगे।
हेल्प डेस्क या सीयूजी नंबर पर मिलेगी जानकारी : योजना के लिए व्यापारियों को विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मूलधन और योजना के तहत देय राशि जमा करने के बाद आवेदन किया जा सकेगा। संबंधित कर निर्धारण अधिकारी 15 दिन के भीतर बकाये का सत्यापन करेंगे। आवेदन सही मिलने पर बकाये से संबंधित आरसी मुक्त होने का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
पहले ही मूल बकाये की पूरी या आंशिक राशि जमा कर चुके व्यापारी भी योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना की जानकारी और आवेदन संबंधी सहायता के लिए व्यापारी मोबाइल नंबर 7235002819 पर संपर्क कर सकते हैं या रेवती कुंज स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय की हेल्प डेस्क पर पहुंच सकते हैं।