आर्थिक तंगी से परेशान फंदा लगाकर खुदकुशी करने वाले मजदूर की बेटी ने भी बुखार से मंगलवार को दम तोड़ दिया। मजदूर की मौत के बाद प्रशासन की पीड़ित परिजनों की मदद करने के दावों की पोल भी इस घटना से खुल गई।
वहीं, पेट्रोलपंप कर्मी समेत एक मजदूर ने भी बुखार से दम तोड़ दिया। इसके साथ ही क्षेत्र में बुखार से मरने वालों की संख्या 105 हो गई है। वहीं, पिलखुवा के गालंद गांव में भी बुखार से एक महिला की मौत हो गई। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अफसर इन मौतों की जानकारी से अनजान हैं।
बता दें कि रात में ओस गिरने बावजूद भी दिन के तापमान में कोई खास अंतर नहीं आया है, जिससे वायरल, मलेरिया, टायफाइड, चिकनगुनिया और डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है।
गढ़ में तहसील मुख्यालय के पीछे स्थित मुहल्ला आदर्शनगर निवासी शोभा (20) की मंगलवार तड़के बुखार से मौत हो गई। बता दें कि कुछ ही दिन पूर्व शोभा के पिता रामू ने आर्थिक तंगी के चलते फंदा लगाकर जान दे दी थी।
इसके बाद प्रशासन ने उसके परिवार की मदद की बात कही, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी परिजनों को कोई मदद नहीं मिल सकी। परिजनों की मानें तो आर्थिक तंगी और पिता का साया न होने के चलते शोभा का इलाज नहीं हो सका।
वहीं, सिंभावली के हरोड़ा मोड़ निवासी जितेंद्र (22) पुत्र लखनपाल ने मंगलवार को बुखार से दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र को एक सप्ताह पहले बुखार हुआ था, उसे स्थानीय चिकित्सक से दवा दिलाई जा रही थी।
मंगलवार शाम उसकी मौत हो गई। बहादुरगढ़ क्षेत्र के सदरपुर गांव निवासी अशोक (38) पुत्र शेर सिंह दिल्ली के करावल नगर में पेट्रोल पंप पर नौकरी करता था। पांच दिन पहले अशोक को बुखार हुआ था। अशोक को दिल्ली के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई।
वहीं, पिलखुवा के गांव गालंद निवासी पिंकी (35) की मंगलवार शाम बुखार से मौत हो गई। महिला की मौत होते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी।
गढ़ सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह और सिंभावली पीएचसी इंचार्ज डॉ. दिनेश भारती का ने बताया कि तीनों मौतों की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी।