सिंभावली। गांव देवली के जंगल में एक गन्ने के खेत में बने पुराने कुएं में एक तेंदुए का शव पड़ा मिला। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जानकारी वन विभाग की टीम को दी। जिसके बाद वन विभाग और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। टीम ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए का शव दो से तीन दिन पुराना है, जिससे बदबू आनी शुरू हो गई थी।
शनिवार की सुबह सूबे के खेत में परिजन और मजदूर गन्ने की कटाई कर रहे थे। इसी दौरान संदीप और शिवा ने गन्ने के खेत के बीच में स्थित पुराने कुएं में अचानक झांक लिया। जिसमें उन्हें एक तेंदुआ पड़ा दिखाई दिया, उन्होंने समझा कि तेंदुआ सो रहा है, जिसे देखकर वह डर गए। उन्होंने साथ में काम करने वाले लोगों को इस बारे में बताया, तो वह लोग भी भयभीत होकर वहां से जाने लगे। लेकिन काफी देर तक कोई आहट नहीं हुई, तो उन्होंने कुएं में गन्ने फेंक कर उसे जगाने की कोशिश की। लेकिन कोई हरकत न होने पर 112 नंबर पर कॉल कर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने भी प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद तेंदुए के मृत होने का संदेह हुआ। जिसकी जानकारी वन विभाग को दी गई। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी करन सिंह, वन दरोगा अनुज जोशी पशु चिकित्सा विभाग टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। जहां ग्रामीणों की मदद से तेंदुए का शव बाहर निकाला गया।
पूर्व में मिल चुके हैं तेंंदुए, शावक
गढ़मुक्तेश्वर हस्तिनापुर वन्यजीव क्षेत्र है। यहां पर अक्सर तेंदुओं की चहल कदमी भी देखी जा चुकी है। सबसे पहले वर्ष 2010 में बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सेहल में तेंदुए ने दहशत फैलाई थी। उस समय एक पुलिसकर्मी पर हमले के दौरान ग्रामीणों ने धारदार हथियार से हमला किया, जिससे तेंदुए की मौत हो गई थी। वहीं गांव शाहपुर के जंगल में एक तेंदुए का शव मिला, जिसकी भूख से मौत होने की बात सामने आई थी। उसके बाद झड़ीना में एक तेंदुए को पिंजरा लगाकर पकड़ा गया था। गांव दौताई में शावकों को ग्रामीणों के सहयोग से गन्ने के खेत से पकड़ा था। जबकि चार माह पहले गांव डिबाई और किठोर बॉर्डर पर शावकों के साथ आम के बाग में बच्चों के खेलने की वीडियो वायरल हुआ थी। इसके अलावा गांव अठसैनी के निकट भी एक तेंदुए की सड़क पार करते हुए अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से मौत हो चुकी है।
गन्ने की कटाई नहीं होती तो कुएं में सड़ जाता शव
ग्रामीण संदीप कुमार ने बताया कि आज सुबह ही खेत में गन्ने की कटाई शुरू हुई है। इससे पहले वह फसल को देखकर चले जाते थे। यदि आज गन्ने के खेत में कटाई का काम शुरू नहीं होता तो तेंदुए का शव कुएं में भी सड़ जाता।
शावकों के होने का भी दावा
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के जंगल में तेंदुआ पिछले कई माह से मौजूद है। समय-समय पर वह कार और बाइक सवारों के सामने भी आ चुका है, लेकिन शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंंने बताया कि अभी तेंदुए के शावक भी जंगल में हो सकते हैं, इसको लेकर भी वन विभाग की टीम को बताया गया है।
नलकूप की छत समझकर कुंए में गिर होगा तेंदुआ
ग्रामीणों ने बताया कि जिस कुएं में तेंदुए का शव मिला है वह करीब छह फुट ऊंचा है। संभवत: तेंदुए ने कुंए को नलकूप की छत समझ लिया और उसके ऊपर चढ़ने के चक्कर में कुंए में गिर गया, जहां भूख से उसकी मौत हो गई।
कोट -
डीएफओ संजय मल्ल ने बताया कि तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। वहीं पोस्टमार्टम के बाद उसके शव का वन विभाग की नर्सरी में दाह संस्कार कर दिया गया है। मृत मादा तेंदुए की लंबाई करीब साढ़े चार फुट, ऊंचाई ढाई फुट और वजन लगभग 47 किलोग्राम है।