बिजली डिवीजन क्षेत्र से जुड़े पांच ब्लॉक अब तक डार्क जोन में शामिल रहने के चलते इस क्षेत्र की सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन की सेहत खराब होती हो जा रही है।
कम बारिश और जल संचयन के साधन नहीं होने के कारण दिनों दिन भूगर्भ जलस्तर गिरता जा रहा है।
जल संचयन पर गंभीर शासन स्तर से जिले के हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर, सिंभावली, मेरठ जिले का खरखौदा व गाजियाबाद जिले के भोजपुर ब्लॉक को डार्क जोन घोषित किया गया था। हापुड़ व सिंभावली को तो अति दोहित जल की सूची में दर्शाया गया है।
जलस्तर को बनाए रखने के लिए शासन की ओर से इन पांचों ब्लॉकों में नए बोरिंग, नलकूप के विद्युत कनेक्शनों पर रोक लगा दी गई है।
गर्मी में बिजली किल्लत के चलते दूसरे नलकूपों पर निर्भर किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकी उपजाऊ भूमि की सेहत बिगड़ रही है। परेशान किसान बिजली निगम अफसरों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
किसान राजकुमार का कहना है कि पानी के अभाव में उनकी फसलें सूख रही है। नलकूप का नया कनेक्शन लेने के लिए वह रोज बिजली निगम के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है।