किसान के कुत्ते को जबड़े में दबाकर ले जाने वाले तेंदुए की खोजबीन को ग्रामीणों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी फसलें खंगालीं, लेकिन इस दौरान वन विभाग की टीम नहीं पहुंच पाई।
गांव लडपुरा में सोमवार की देर शाम करीब साढ़े 6 बजे खेत से वापिस लौटने के दौरान चकरोड किनारे खड़ी ईख में छिपा तेंदुआ किसान मनोज गुर्जर के कु्त्ते मोती को अपने जबड़े में दबोचकर ले गया था।
जिसकी खबर मिलते ही ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर जंगल की तरफ दौड़ पड़े थे। जिन्होंने करीब दो घंटों तक फसलों को घेरकर काफी खोजबीन की थी, लेकिन जंगली जानवर समेत कुत्ते का कोई भी अता पता नहीं लग पाया था।
वहीं सूचना पर पहुंची वन टीम ने पुलिस और ग्रामीणों को साथ लेकर खूब खोजबीन की थी, लेकिन तेंदुआ और कुत्ते का कोई पता लगने की बजाए गन्ने की फसल में खून पड़ा हुआ मिला था।
भयभीत ग्रामीणों ने दूसरे दिन भी जंगल में पहुंचकर फसलें खंगालीं, लेकिन तेंदुए समेत किसान के कुत्ते का कोई अता पता नहीं लग पाया। लेकिन इस दौरान वन विभाग की टीम गांव में नहीं पहुंच पाई, जिसको लेकर ग्रामीण काफी खफा हैं।
हरपाल, संजू, अरविंद मावी, लोकेंद्र, नितिन, अजित, बिट्टू, सौरभ, हरीश भड़ाना, निखिल, अवनीश, राहुल, सुमित, वेदप्रकाश, नरेश, कपिल भाटी का कहना है कि वन टीम न आना सीधे तौर पर जनहित की अनदेखी है, जिसके विरोध में आला अफसरों से शिकायत की जाएगी।