बदरखा में रजवाहे में करंट उतरने से किसान की मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने हंगामा किया और घंटों पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। अफसरों ने मृतक के आश्रित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता का भरोसा देकर ग्रामीणों को शांत किया। उधर किसान के भतीजे का भी पता नहीं चला रहा है।
बदरखा निवासी किसान गुफरान अपने खेतों से लौट रहे थे। रास्ते में रजवाहे में उसका आठ वर्षीय भतीजा शादान पशुओं को पानी पिला रहा था। शादान अचानक पानी में डूबने लगा। यह देखकर गुफरान (28) रजवाहे में कूद गया और भतीजे की बांह पकड़कर बाहर फेंक दिया।
परंतु इस दौरान वह 11 हजार वोल्टेज वाली लाइन के इंसुलेटर से होकर रजवाहे में उतर रहे करंट की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने हंगामा करते हुए पुलिस को शव नहीं उठाने दिया।
दो घंटे तक ग्रामीणों ने अफसरों को पास नहीं आने दिया। वह पावर कारपोरेशन अफसरों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़े थे। सूचना पर नायब तहसीलदार एके शर्मा, इंस्पेक्टर समरजीत सिंह मौके पर पहुंचे।
अफसरों ने फुरकान चौधरी, हाजी आरिफ, फरमान, उमर खां, अखलाक, नौशाद, अंबार, कुंवर मतीन, फैजान खां आदि से बातचीत कर शांत किया। अफसरों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि किसान दुर्घटना बीमा योजना से मृतक किसान के आश्रित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।
कारपोरेशन से भी हरसंभव सहायता दिलाने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद ही ग्रामीणों को शांत किया जा सका। किसान का शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। मृतक के परिजनों ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।