गांव दौताई के जंगल में मंगलवार की रात रजवाहे की पटरी टूट गई। इससे जंगल में जलभराव के साथ ही किसानों की सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न हो गई। सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही बाधित-सी हो गई है।
कई मकानों में दरार आने से लोगों में दहशत है। पीड़ित किसानों ने जलभराव से बर्बाद फसलों का मुआवजा मांगा है। साथ ही चेतावनी दी है कि मुआवजा न मिलने पर तहसील का घेराव करेंगे।
मेरठ जिले के किला परीक्षितगढ़ क्षेत्र से होकर आ रहे रजवाहे की पटरी मंगलवार की रात गढ़ के गांव दौताई के जंगल में टूट गई। इससे सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए। बुधवार की सुबह किसान खेतों में पहुंचे तो हर ओर पानी ही पानी देख इनके होश उड़ गए।
किसानों की गन्ना, चारा व हरी सब्जी की फसलें नष्ट हो गईं। किसानों की माने तो खेतों में करीब तीन फुट पानी भरा था। इस बीच किसानों ने सपा जिला महासचिव साजिद चौधरी और ग्राम प्रधान पति राशिद अली को इससे अवगत कराया।
सपा नेता व ग्राम प्रधान पति ने सिंचाई विभाग के मेरठ दफ्तर को सूचना देकर रजवाहे में आ रहे पानी की सप्लाई को सुबह करीब 8 बजे रुकवाया। तब कहीं जाकर जंगल और आबादी में तेजी से भर रहे पानी का सिलसिला रुका।
उधर, यामीन, जाफर, नुसरत, हसरत, लईक, भूरे, शफीक, खुरशैद छूमंतर, तौसीफ, नवाब, जमील, हाजी जाउल और अठसैनी के कय्यूम समेत दो दर्जन से भी अधिक किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई है।
रजवाहे की पटरी टूटने से जंगल समेत गांव के बाहरी छोर से जुड़ी आबादी में जलभराव से सड़कें पानी से लबालब हो गईं। सड़कों पर पानी भरा होने से लोगों को घरों में ही कैद होना पड़ा। सड़कों पर दो फुट से भी अधिक पानी भरने पर दर्जनों बच्चे घरों से बाहर नहीं निकल पाए, जिससे बुधवार को स्कूल नहीं जा सके।
रजवाहा टूटने से आबादी में जलभराव होने पर कलीम खां के मकान की दीवार भरभराकर गिर पड़ी, जिससे महिला-बच्चों समेत घर में मौजूद परिजन हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए।
इसके अलावा आसू, फारूख, उम्मेद, जाहिद, सत्तार, राहत, वाहिद, शराफत, फिरासत, शमशाद, तौसीफ, नदीम, रईस, राशिद, आबिद समेत करीब एक दर्जन मकानों में दरार आ गई हैं।
रजवाहा टूटने से पीड़ित किसानों शराफत, रिफाकत, जाहिद, फिरासत, साजिद, इकरार, तैयब, इकबाल, आदिल, हामिद, मौमीन, नसीम ने सिंचाई विभाग की अनदेखी के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। जल्द कार्रवाई न होने पर तहसील का घेराव करने की चेतावनी दी।
एसडीएम शमशाद हुसैन का कहना है कि तहसील की राजस्व टीम भेजकर किसानों के नुकसान का आंकलन कराया जाएगा, जबकि किसानों द्वारा मछली पालन से जुड़े लोगों पर पटरी तोड़ने की जो आशंका जताई जा रही है। उसकी जांच में कोई भी सच्चाई सामने आने पर दोषियों का पता लगाकर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।