मोहल्ला सादकपुरा में 18 अगस्त 2013 को हिस्ट्रीशीटर छोटू की गोली मारकर हत्या करने के मामले में बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दो भाई समेत तीन लोगों को दोषी करार दिया।
जिला जज ने तीनों को उम्रकैद और 17-17 हजार रुपये का अर्थदंड का दिया। हत्याकांड में शामिल एक नाबालिग का किशोर न्यायालय में मामला विचाराधीन है।
जिला शासकीय अधिवक्ता भाग सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता निधि यादव ने बताया कि मोहल्ला मुजफ्फरपुरा निवासी रितुल उर्फ छोटू कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था।
उसकी मोहल्ला सादकपुरा निवासी रुपेश, सन्नी और रोहित से रंजिश चल रही थी। ये तीनों सगे भाई हैं। 18 अगस्त 2013 की सुबह करीब 11:30 बजे रुपेश ने अपने भाई और एक अन्य साथी के साथ मिलकर रितुल उर्फ छोटू पर फायरिंग कर दी।
छोटू की मौके पर ही मौत हो गई। एक महिला कांति देवी को भी गोली लगी थी। मामले में रितुल के भाई बब्बू उर्फ प्रतुल कुमार ने रुपेश, सन्नी, साधु सिंह और रोहित के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था।
रोहित घटना के वक्त नाबालिग था और उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक श्रीवास्तव ने रुपेश, सन्नी और साधु सिंह को घटना का दोषी पाया।
इसके बाद तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 17-17 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इसके बाद अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया।