जानलेवा हमले के मामले में सुनवाई पर कचहरी आए बंदी ने पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट हवालात में धारदार वस्तु से अपनी गर्दन काटने का प्रयास किया। बंदी को गर्दन काटते और गले से खून बहते देख पुलिस में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने आनन-फानन में आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया। बंदी के पास धारदार वस्तु का पहुंचना गंभीर मामला है, हालांकि पुलिस अब नाखून से गर्दन काटना बताकर अपनी लापरवाही पर पर्दा डाल रही है।
पिलखुवा के शमशाद रोड निवासी अजीम पुत्र नसरुद्दीन जानलेवा हमले व मारपीट के कई मामलों में जेल में बंद है। बृहस्पतिवार को उसे तारीख पर कोर्ट लाया गया था। दोपहर में सुनवाई के बाद वापस जेल ले जाने की तैयारी हो रही थी।
इसी दौरान उसने किसी नुकीली वस्तु से अपनी गर्दन काटने का प्रयास किया, जिससे वह घायल हो गया। बंदी के कोर्ट हवालात में गर्दन पर वार कर जान देने का प्रयास करने और गर्दन से खून बहता देख पुलिस में हड़कंप मच गया।
पुलिसकर्मियों ने उसकी गर्दन पर कपड़ा लगाकर जैसे-तैसे खून को रोका और आनन-फानन में अस्पताल ले गए। पुलिस के अनुसार वह एक साल से जेल में बंद है। जमानत मंजूर होने के बावजूद परिजनों ने उसकी जमानत दाखिल नहीं की। जिससे वह नाराज था।
अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आई है। बंदी के पास नुकीली वस्तु कहां से आई? पुलिस इसपर पर्दा डालकर नाखून से गर्दन काटना बता रही है।
सीओ सिटी शैलेंद्र कुमार राठौर का कहना है किहवालात में मौजूद पुलिस कर्मियों के अनुसार बंदी ने नाखून से खुद को घायल किया है। इस पूरे मामले की जांच की जाएगी। अगर किसी नुकीली वस्तु से बंदी ने खुद को घायल किया है तो वह कहां से उसके पास पहुंची इसकी भी जांच कराई जा रही है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार बंदी घायल है। ऐसा घाव नाखून से नहीं बन सकता है।