शुगर मिल कर्मियों और बैंक अफसरों की मिलीभगत से दिवंगत किसानों के नाम पर निकाले गए फर्जी लोन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों की शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले पर जांच बैठा दी है। जांच का जिम्मा जिला गन्ना अधिकारी को सौंपा है।
सिंभावली के गांव लिसड़ी के दिवंगतों सहित कई किसानों के नाम पर लाखों के लोन को फर्जी तरीके से निकालने का मामला पिछले सात जून में सामने आया, जब बैंक शाखा ने कर्ज वसूली का नोटिस किसानों को जारी किया।
फर्जीवाड़े की भनक लगने पर किसानों ने जमकर हंगामा काटा। थाने में तहरीर देने के बावजूद साजिश में शामिल किसी भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई संभव नहीं हो सकी। सामाजिक संगठन मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार निवारण संघ के राष्ट्रीय सचिव पंकज लोधी राजपूत इसकी शिकायत सीएम को भेजी।
लिखित शिकायत में उन्होंने शुगर मिल प्रबंधन और बैंक अफसरों की मिलीभगत से हुए फर्जीवाड़े की जानकारी दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच का जिम्मा जिला गन्ना अधिकारी नमिता कश्यप को सौंपा है।
जिला गन्ना अधिकारी नमिता कश्यप का कहना है कि मामले की जांच में किसानों के बयान दर्ज करने के साथ बैठक के एलडीएम से भी विस्तृत जानकारी ली जाएगी।