क्षेत्र के गांव खेड़ा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद तोमर की हत्या पुरानी रंजिश में की गई थी। हत्यारोपी विनोद गहलौत ने अपने भाई मनीष गहलौत की हत्या का बदला लेने को पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद तोमर की हत्या की थी।
पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। इसके साथ ही अन्य फरार हत्यारोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद तोमर पुत्र स्वगीय राजेंद्र सिंह की 17 अप्रैल की शाम बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में मृतक विनोद तोमर के भाई प्रमोद तोमर की तहरीर के आधार पर पुलिस ने महेंद्र सिंह गहलौत, उसके बेटे विनोद गहलौत, अशोक, राहुल और दो अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने शुक्रवार सुबह हाईवे पर चंडी मंदिर चौराहे से मुख्य आरोपी विनोद गहलौत को गिरफ्तार कर लिया है। उससे हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया। पुलिस क्षेत्राधिकारी अतुल यादव ने बताया कि 15 साल पहले 15 अगस्त 2002 को गांव में विनोद गहलौत के भाई मनीष गहलौत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इसमें मनीष गहलौत के पिता महेंद्र सिंह गहलौत ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद तोमर, उसके भाई प्रमोद, सुरेश, मनोज , चाचा बिजेंद्र, प्रवेश और लुक्की के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सात अगस्त 2012 को एडीजे कोर्ट हापुड़ ने सभी हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
हाईकोर्ट में अपील के बाद आरोपी जमानत पर थे। उन्होंने बताया कि पूर्व जिला पंचायत विनोद तोमर की हत्या इसी रंजिश के चलते हुई थी। विनोद गहलौत ने अपने भाई मनीष गहलौत की हत्या का बदला पूर्व जिला पंचायत की हत्या करके लिया है। तीन नामजद हत्यारोपी अभी फरार हैं।